नूंह : नूंह जिले के पुनहाना उपमंडल अंतर्गत गांव नीमका निवासी युवक जहांगीर को थाईलैंड में अस्पताल में नौकरी दिलाने का झांसा देकर मानव तस्करी और साइबर ठगी के जाल में फंसा लिया गया। पीड़ित युवक को पहले म्यांमार और फिर कंबोडिया भेजा गया, जहां उससे जबरन साइबर ठगी का काम कराया गया। इस संबंध में पीड़ित के पिता की शिकायत पर नूंह साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार डीएमएलटी कोर्स कर चुका जहांगीर रोजगार की तलाश में था। इसी दौरान दिलशाद उर्फ दिल्ला, निवासी खैचातान थाना पुन्हाना ने 20 अगस्त 2025 को उसे थाईलैंड के एक अस्पताल में नौकरी दिलाने का ऑफर दिया। आरोपी ने 80 से 85 हजार रुपये मासिक वेतन का लालच दिया। साथ ही टिकट व अन्य दस्तावेजों के नाम पर उससे 15 हजार रुपये ले लिए। 25 अगस्त 2025 को जहांगीर थाईलैंड पहुंचा, लेकिन वहां पहुंचते ही उसे अस्पताल की बजाय म्यांमार भेज दिया गया।
युवक से मारपीट कर करंट के झटके लगाए
पीड़ित को म्यांमार में जाकर पता चला कि वहां कोई अस्पताल नहीं, बल्कि साइबर ठगी चलाने वाली कंपनी है। जब जहांगीर ने अवैध गतिविधियों में शामिल होने से इनकार किया तो उसके साथ मारपीट की गई, करंट के झटके दिए गए और उसे बंधक बनाकर रखा गया। बाद में कार्रवाई के डर से गिरोह ने उसे कंबोडिया भेज दिया, जहां उससे साइबर ठगी का ही काम कराया गया।
कई महीनों तक अमानवीय यातनाएं झेलने के बाद जहांगीर किसी तरह 6 जनवरी 2026 को भारत लौटने में सफल हुआ। पीड़ित के पिता हनीफ ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उनके बेटे से एक लाख रुपये से अधिक की ठगी की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी गिरोह के पूरे नेटवर्क को उजागर करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है।











