हिसार।
हरियाणा में भाजपा इस बार लोकसभा चुनाव में क्लीन स्वीप के सपने को पूरा नहीं कर पाई। 10 लोकसभा सीटों में से 5 कांग्रेस के खाते में चली गईं। इस साल के लास्ट में हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इससे पहले नए प्रदेशाध्यक्ष के लिए चर्चा शुरू हो गई है। अभी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ही सरकार के साथ प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में नए प्रदेश अध्यक्ष के साथ उतरेगी।

इस बार लोकसभा चुनाव में किसान आंदोलन के कारण जाट समुदाय पूरी तरह भाजपा के खिलाफ रहा। वहीं SC समाज ने भी भाजपा के खिलाफ वोट डाले। ऐसे में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव करते समय दोनों समुदाय को प्राथमिकता पर रख सकती है।
वहीं दूसरी ओर मनोहर लाल के केंद्र में जाने के बाद कोई बड़ा पंजाबी चेहरा भाजपा में प्रमुख पद पर नहीं है। पंजाबी समाज भाजपा का बड़ा वोट बैंक है। भाजपा आगामी विधानसभा में उसे भी साथ रखना चाहेगी। ऐसे में प्रदेशाध्यक्ष के लिए किसी पंजाबी चेहरे पर दांव खेला जा सकता है। प्रदेश भाजपा में प्रदेशाध्यक्ष की कुर्सी के कई दावेदार निकल कर सामने आ रहे हैं। पंजाबी चेहरों में पूर्व गृहमंत्री अनिल विज, पूर्व सांसद संजय भाटिया का नाम सबसे ऊपर है। वहीं जाट चेहरों में सुभाष बराला, कैप्टन अभिमन्यु और प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पूनिया का नाम भी चल रहा है। नाम ओपी धनखड़ का भी है, लेकिन मनोहर लाल उनके नाम पर कम ही सहमत होंगे।
इसके अलावा, SC चेहरों में पूर्व मंत्री कृष्ण बेदी, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल और बंतो कटारिया का नाम ऊपर है। इसके अलावा डॉ. अशोक तंवर और राज्यसभा सदस्य कृष्ण लाल पंवार का नाम भी सामने आ रहा है। अशोक तंवर अभी भाजपा में नए आए हैं। ऐसे में भाजपा संगठन की कमान उनको देने से पार्टी परहेज कर सकती है। वहीं OBC चेहरे पर पार्टी विचार नहीं कर रही, क्योंकि मुख्यमंत्री नायब सैनी खुद OBC समाज से हैं।
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