भिवानी। अब सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों में एक पखवाड़े तक बच्चों की फरलो रहेगी। इस दौरान ऑनलाइन पढ़ाई से भी बच्चों को छुटकारा मिल जाएगा। धुंध के दौरान बच्चों को अब स्कूल जल्दी पहुुंचने की परेशानी से भी छुटकारा मिल गया है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्र में स्पेशल कक्षाएं लगाने के नाम पर शीत कालीन अवकाश के दौरान भी बच्चों को बुलाया जा रहा है। इसमें बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों का हवाला दिया जा रहा है।
शिक्षा विभाग की तरफ से स्पष्ट निर्देश हैं कि शीत कालीन अवकाश के दौरान बच्चों की शैक्षणिक गतिविधि नहीं कराई जाएंगी। हालांकि कुछ विद्यालयों में एनएसएस कैंप भी लगाए जाएंगे। वहीं प्राथमिक विद्यालय की कक्षाओं के बच्चों को होम वर्क में अपने आसपास के वातावरण से कुछ नया सीखकर उसका अनुभव विद्यालय पहुुंचने पर बताना होगा। इस दौरान वेस्ट से बेस्ट बनाने का भी हुनर तराशना होगा।
घर-घर गुरुजी का शुरू हुआ ड्राॅप आउट बच्चों की पहचान का सर्वे
शीत कालीन अवकाश के दौरान सरकारी विद्यालयों के शिक्षक भी घर-घर जाकर ड्राॅप आउट यानी स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों की पहचान करेंगे। ऐसे बच्चों का समुचित डाटा तैयार होगा। जिसके बाद उन्हें नजदीकी स्कूल से जोड़ा जाएगा। हालांकि भिवानी जिले में ड्रॉप आउट बच्चों की संभावित संख्या का खाका भी विभाग पहले ही तैयार कर चुका है, लेकिन सर्वे के दौरान कुछ नए तथ्य भी सामने आएंगे। जिसके आधार पर उन बच्चों के लिए शिक्षा विभाग विशेष कदम उठा पाएगा।
सभी सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों में एक से 15 जनवरी तक शीत कालीन अवकाश घोषित हो चुके हैं। इस दौरान कक्षा वार सभी विद्यार्थियों को विभाग के दिशा निर्देशानुसार होम वर्क भी दिया गया है। किसी भी विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां इस दौरान नहीं कराई जाएंगी।

















