भिवानी। जिला प्रशासन ने अत्यधिक बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए भिवानी-घग्गर ड्रेन को आरसीसी पैटर्न पर बनाने की योजना तैयार की है। इस परियोजना पर करीब 417 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। डीसी साहिल गुप्ता के निर्देशानुसार सिंचाई विभाग ने इसका एस्टीमेट चंडीगढ़ मुख्यालय भेज दिया है।
मानसून के दौरान भिवानी, तोशाम और बवानीखेड़ा के खेतों में जमा पानी ड्रेन में डाला जाता है जिससे पानी के दबाव से ड्रेन टूटने का खतरा रहता है। डीसी गुप्ता ने बुधवार को तिगड़ाना और सूई क्षेत्र में ड्रेन का निरीक्षण करते हुए किसानों से भी बातचीत की। गांव बापोड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि जलभराव के कारण 70 प्रतिशत खेतों में बिजाई नहीं हो पाई। डीसी ने सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि परियोजना समय पर पूरी हो और बिजली की आपूर्ति बाधित न हो।
सीएम ने वीसी के माध्यम से की समीक्षा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए डीसी से बाढ़ राहत और जल निकासी परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने ड्रेनों की सफाई, नालों और पुलियों की मरम्मत तथा वर्षा जल प्रबंधन के लिए सभी संसाधन समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

















