रेवाड़ी।
जिले में एक किसान को ट्यूबवेल कनेक्शन देने में देरी करने पर कंज्यूमर फोरम ने सख्त टिप्पणी की है। आयोग ने कहा-” किसान के लिए पानी की एक-एक बूंद उसके खून की एक-एक बूंद के बराबर है। किसान को 3 साल तक ट्यूबवेल का कनेक्शन न दिया जाना बिजली निगम की घोर लापरवाही है। इसलिए बिजली निगम को किसान को 1 लाख रुपए जुर्माना देना होगा”
एस्टीमेट की रकम ली, 10 खंभे लगाए लेकिन कनेक्शन नहीं दिया
मिली जानकारी के अनुसार, रेवाड़ी के गांव फतेहपुरी पीपा निवासी सुभाष ने अपने ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए वर्ष 2019 में धारूहेड़ा स्थित बिजली वितरण निगम में आवेदन किया था। विभाग ने कनेक्शन देने के लिए 2 लाख 6 हजार 21 रुपए एस्टीमेट बनाया। किसान द्वारा एस्टीमेट की राशि अदा कर दी गई थी। इसके बावजूद बिजली निगम ने 10 खंभे लगा दिए, लेकिन किसान को ट्यूबवेल का कनेक्शन नहीं दिया गया।
सुभाष ने निगम के उच्च अधिकारियों तक इसको लेकर शिकायतें की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। परेशान होकर सुभाष ने अपने अधिवक्ता के जरिए इसी वर्ष 9 जनवरी को जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में याचिका दर्ज की। मामले की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के चेयरमैन संजय खंडूजा ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारियों को भी तलब किया।
अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए बताया कि जो एस्टीमेट पहले बनाया गया था, वह कम राशि का था। उसे दोबारा बढ़ाकर 4 लाख 34 हजार 130 रुपए कर दिया गया है और यही राशि अब उपभोक्ता को देनी होगी।
इस बात को लेकर विभाग ने पूरे 3 साल का समय लगा दिया और उपभोक्ता को कनेक्शन जारी नहीं किया। जिला उपभोक्ता आयोग के चेयरमैन ने अपने निर्णय में कहा है कि यह घोर लापरवाही निगम की ओर से की गई है। रुपए जमा कराने के बावजूद 3 साल तक ट्यूबवेल कनेक्शन न दिया जाना घोर लापरवाही है।
जिला उपभोक्ता आयोग ने बिजली निगम को 1 लाख रुपए जुर्माना व 11 हजार रुपए वाद खर्च शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए हैं। यह राशि 9% ब्याज सहित देनी होगी। यदि जुर्माना राशि समय पर नहीं दी गई तो 12% के हिसाब से ब्याज देना होगा।
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