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जज ने बिजली निगम के खिलाफ सुनाया फैसला, बिजली निगम ने जज की बिजली काटी

सोनीपत।
हरियाणा के सोनीपत में बिजली निगम के कर्मचारियों से सब डिविजनल जूनियर मजिस्ट्रेट (SDJM) के घर की बिजली काट दी। जज का घर खरखौदा में है। जज ने कुछ दिन पहले एक कंपनी के केस में बिजली निगम के खिलाफ फैसला सुनाया था। जिसके बाद बिजली निगम का दफ्तर भी सील हो गया था। जिसके बाद सप्लाई काटी गई।
वहीं जब जज के चपरासी ने इसका विरोध किया तो कर्मचारियों ने कहा कि हमारे पास ऊपर से आदेश आया है। चपरासी की शिकायत पर पुलिस ने बिजली कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। वहीं बिजली निगम के अधिकारी अब सफाई दे रहे हैं कि लाइन चेक करते वक्त जज के घर की बिजली गलती से कट गई थी।
सैदपुर एरिया में स्थित कामदगिरी एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने कोर्ट में केस किया था। उनका कहना था कि कंपनी का बिजली निगम पर 35 लाख 47,499 रुपए बकाया है। बिजली निगम ने यह अतिरिक्त रकम सरचार्ज जोड़कर जमा कराई थी। बाद में पता चला कि बिजली निगम ने यह राशि ज्यादा वसूली थी। इसके बाद वह कंपनी को बकाया रकम नहीं लौटा रहे थे। जिस वजह से कंपनी कोर्ट चली गई।
इस मामले की सुनवाई पहले जज डॉ. कविता कंबोज ने की। उन्होंने अपने आदेश में बिजली निगम के दफ्तर पर ताला लगवा दिया। उसके बाद बिजली निगम ने कंपनी को 5 लाख रुपए चुका दिए। फिर बाकी पेमेंट नहीं चुकाई। जिसके बाद कंपनी दोबारा कोर्ट पहुंच गई।
खरखौदा थाने के ASI संजय कुमार ने बताया कि वह गुरूवार रात को खरखौदा बस स्टैंड के पास टीम के साथ गश्त पर थे। खरखौदा थाने के सरकारी मोबाइल से उन्हें SDJM विक्रांत के खरखौदा के सरकारी आवास पर बुलाया गया। सरकारी आवास पर चपरासी अनिल कुमार ने शिकायत दर्ज कराई। इस पर पुलिस ने बिजली कर्मियों के खिलाफ खरखौदा थाने में धारा 132/221 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया।
SDO बोले- गलती से कटी बिजली
खरखौदा बिजली निगम के SDO रवि कुमार ने बताया कि बिजली कर्मचारी लाइन चेक कर रहे थे। जज के आवास की लाइन गलती से कट गई थी। जैसे ही इसका पता चला, 5 मिनट में लाइन को दोबारा जोड़कर जज के आवास की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। निगम मामले की जांच कर रहा है।
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