भीड़ और संवेदनशील जगहों की निगरानी के लिए हरियाणा पुलिस का नया मॉडल, पढ़ें पूरी जानकारी

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चंडीगढ़ : हरियाणा पुलिस ने तकनीक आधारित पुलिसिंग की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ड्रोन-आधारित कॉन्टैक्टलेस लॉ एंड ऑर्डर मैनेजमेंट मॉडल का सफल प्रदर्शन किया। करनाल के मधुबन पुलिस अकादमी परेड ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक (DGP) शत्रुजीत कपूर ने ड्रोन तकनीक का लाइव डेमोंस्ट्रेशन देखा और टीम को बधाई दी।

कार्यक्रम का शुभारंभ एचपीए मधुबन के निदेशक डॉ. अर्शिंदर सिंह चावला ने अतिथियों का स्वागत कर किया। प्रदर्शन के दौरान लॉ एंड ऑर्डर की दो कंपनियों और तीन वज्र वाहनों की मौजूदगी में ड्रोन द्वारा भीड़ प्रबंधन, संवेदनशील इलाकों की निगरानी और रियल-टाइम डेटा ट्रांसमिशन की क्षमताओं का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया।

DGP कपूर ने कहा कि आज का समय तकनीक का है और इसकी मदद से कानून-व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने पिछले किसान आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़े जनआंदोलनों से निपटने के दौरान पुलिस को न्यूनतम बल प्रयोग करना पड़ता है क्योंकि प्रदर्शनकारी भी हमारे ही नागरिक होते हैं। ऐसे में ड्रोन तकनीक पुलिस के लिए एक प्रभावी और मानवीय समाधान सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी तैयार किया गया है ताकि इसे व्यवस्थित ढंग से लागू किया जा सके।

कॉन्टैक्टलेस सिस्टम ही भविष्य का रास्ता है- पुलिस आयुक्त

पंचकूला पुलिस आयुक्त शिवास कबिराज ने कहा कि भीड़ नियंत्रण, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्मार्ट और कॉन्टैक्टलेस सिस्टम ही भविष्य का रास्ता है। इस तकनीक के तहत ड्रोन, हाई-टेक कैमरे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया जाएगा। इससे पुलिस बल को बिना सीधे दखल दिए स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण मिलेगा।

अंत में, करनाल पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया ने सभी अतिथियों और मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा पुलिस इस नई तकनीक से भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।