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हरियाणा में डॉक्टरों का अद्भुत ऑपरेशन, कई घंटों की मेहनत के बाद कोबरा बचाई गई

भिवानी। पशुपालन विभाग के वेटरनरी सर्जनों ने बेहद चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर कोबरा सांप की जान बचाई। यह सांप चोट लगने से नाजुक अवस्था में था, क्योंकि उसकी आंत का एक हिस्सा बाहर निकल आया था और सड़ने लगा था।

राजकीय पशु चिकित्सालय एवं पालिक्लीनिक भिवानी में हुए इस जटिल ऑपरेशन ने सर्जनों की विशेषज्ञता और समर्पण को उजागर किया है। वेटरनरी सर्जन डॉ. जोनी ने बताया कि कोबरा प्रजाति के इस सांप को गंभीर हालत में राजकीय पशु चिकित्सालय एवं पॉलिक्लीनिक भिवानी लाया गया था।

जांच में पाया गया कि उसे गहरी चोट लगी है, जिसके परिणामस्वरूप उसकी आंत का कुछ हिस्सा शरीर से बाहर निकल आया था। जो सड़ना शुरू हो गया था। इस अत्यंत नाजुक मामले को पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. रविंद्र सहरावत और पालिक्लीनिक इंचार्ज डा. सुभाष के मार्गदर्शन में तुरंत हाथ में लिया गया।

इस टीम ने किया ऑपरेशन

ऑपरेशन की जिम्मेदारी वेटरनरी सर्जन डॉ. जोनी और उनकी विशेषज्ञ टीम डॉ. हरिओम, डॉ. मुकेश को सौंपी गई। डॉ. जोनी ने बताया कि सांप के जहर और उसकी संवेदनशील शारीरिक संरचना के कारण यह ऑपरेशन सामान्य सर्जरी से कहीं अधिक कठिन था।

सबसे पहले सांप को जनरल अनिस्थिसिया दिया। इसके बाद अत्यंत सावधानी के साथ सड़े हुए आंत के हिस्से को अलग किया। ऑपरेशन का सबसे महत्वपूर्ण चरण था आंत को वापस उसके सही स्थान पर स्थापित करना और घाव को सही तरह से बंद करना।

घायल कोबरा सांप गांव कैरू में लोगों को मिला था। ग्रामीणों ने दयालुता दिखाते हुए उसे मारने की बजाय उपचार के लिए प्लास्टिक बैग में डालकर भिवानी में पशु चिकित्सालय पालीक्लीनिक लाना उचित समझा। नियमानुसार पशुपालन विभाग के चिकित्सक सीधे सांप को लेकर इलाज नहीं कर सकते थे। इस कारण वन्य प्राणी विभाग को सूचित किया गया।

घायलावस्था में मिला था सांप

वन्य प्राणी विभाग के कर्मचारियों ने सांप कब्जे में लेते हुए इलाज के लिए चिकित्सकों को दिया। इसके बाद उसके उपचार की प्रक्रिया शुरू हुई। वन्य प्राणी विभाग से इंस्पेक्टर देवेंद्र हुड्डा ने बताया कि पिछले दिनों भी एक घायल सांप कर्मचारियों को मिला था। इसका पशुपालन विभाग के चिकित्सकों ने इलाज किया और उसे ठीक होने पर जंगल में छोड़ा गया।