मध्य प्रदेश के इंदौर के शिवाजी नगर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है. यहां 22 साल के अभिषेक प्रजापत ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. परिवार शुरू से ही इस मौत पर संदेह जता रहा था और विस्तृत जांच की मांग कर रहा था. इसी बीच घटना के दो दिन बाद एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने मामले को नया मोड़ दे दिया है.
वायरल वीडियो में अभिषेक की प्रेमिका नजर आती है, जो पंखे पर लगे फंदे को अपने गले में डालने की कोशिश कर रही है. इतना ही नहीं, वह तलवार अपनी गर्दन और पेट पर टिकाकर अभिषेक को धमकी देती हुई दिखती है कि “अगर तुमने मुझे छोड़ा, तो मैं अपनी जान दे दूंगी.”
वीडियो के दौरान अभिषेक लगातार उसे शांत करने की कोशिश कर रहा है और समझा रहा है कि वह ऐसा कदम न उठाए. परिजन का दावा है कि युवती की ऐसी हरकतें लंबे समय से चल रही थीं और इसी मानसिक दबाव ने उनके बेटे को अंदर से तोड़ दिया.
अभिषेक के पिता ने लगाए गंभीर आरोप
अभिषेक के पिता रामहित प्रजापत ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि लड़की और उसके परिवार ने ही बेटे को सुसाइड की ओर धकेला. उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक खुशी नाम की युवती के साथ लंबे समय से रिश्ते में था, लेकिन खुशी के परिवार वाले इस रिश्ते से खुश नहीं थे. कई बार उन्होंने मारपीट कर अभिषेक को अलग होने के लिए मजबूर किया था.
परिवार का आरोप है कि खुशी भी अक्सर वीडियो कॉल पर फंदा, तलवार या खुद को नुकसान पहुंचाने जैसी हरकतें करके अभिषेक पर दबाव बनाती रही. इससे अभिषेक लगातार मानसिक तनाव में रहता था.
पिता ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ समय पहले खुशी के परिवार ने झूठी शिकायत देकर अभिषेक को भागीरथपुरा चौकी में बंद करवा दिया था. काफी प्रयासों के बाद उसे छोड़ा गया. पिता का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने भी अभिषेक को लड़की से दूरी बनाने के लिए कहा था. लगातार मिलने वाली धमकियां, मारपीट और ब्लैकमेलिंग ने अभिषेक को अंदर से कमजोर कर दिया था.
14 नवंबर की शाम अभिषेक की छोटी बहन ने उसे फंदे से लटका हुआ देखा. वह घबराकर चिल्लाई और पिता को बुलाया. अभिषेक परिवार का सहारा था. पिता नाश्ते का ठेला लगाते हैं और परिवार में दो बहनें और एक छोटा भाई भी है.
पुलिस ने अभिषेक का मोबाइल जब्त कर लिया है
घटना के बाद पुलिस ने अभिषेक का मोबाइल जब्त कर लिया है. परिवार का दावा है कि सुसाइड से कुछ मिनट पहले तक वह खुशी से बात कर रहा था. यही वजह है कि उसका मोबाइल, चैट, कॉल रिकॉर्ड और वीडियो अब जांच का सबसे अहम हिस्सा बन चुके हैं. एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी और सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.

















