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ऑनलाइन स्कैम रोकने के लिए हरियाणा DGP का ‘PVR मॉडल’ लॉन्च, बताया सरल सुरक्षा तरीका

हरियाणा  : हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह ने बीते दिन रविवार को नया और बेहद सरल नागरिक-सुरक्षा फॉर्मूला पेश किया। यह है पीवीआर। यानी पाउस, वेरिफाई और रिपोर्ट। डीजीपी ने इस मॉडल को ऑनलाइन ठगी और डिजिटल स्कैम से बचने के लिए अपनाया जा सकने वाला  हथियार बताया है।

जानें क्या है पीवीआर मॉडल

पाउस: पाउस का मतलब है रुकिए। यानी स्कैमर आपकी घबराहट पर निर्भर करता है। दो सेकंड रुक जाएं, इससे उनका खेल खत्म हो जाएगा।
वेरिफाइ यानी जांचिए : नंबर, लिंक और मैसेज की असलियत चेक करें। कोई असली संस्था आपसे भागदौड़ में जानकारी नहीं मांगती।
रिपोर्ट : अगर जरा भी शक हो, तुरंत 1930 पर कॉल करें।

डीजीपी ने स्कैम रोकने का नया मंत्र बताया। उन्होंने बताया कि हरियाणा में चौबीसों घंटे, सात दिन 1930 साइबर हेल्पलाइन, जिला-स्तर पर साइबर पुलिस स्टेशन, विशेष फारेंसिक टीमें और एफआइआर के बिना रिफंड सिस्टम जैसी सुविधाएं नागरिकों को तुरंत सहायता देने के लिए तैयार हैं।