दो साल के हुए सिंघम और शेरा, लघु चिड़ियाघर में आज से मिलेंगे दर्शकों से

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भिवानी। चौधरी सुरेंद्र सिंह मेमोरियल लघु चिड़ियाघर में शेरनी गीता की कोख से जन्मे दो साल के सिंघम व शेरा को वन्यजीव विभाग की तरफ से आज दर्शकों के दीदार के लिए बाड़े में छोड़ा जाएगा। चिड़ियाघर में शेर सिम्बा व शेरनी गीता सहित चार मादा व तीन नर शेर शामिल हैं। फिलहाल सिम्बा को ही बाड़े में छोड़ा गया है लेकिन अब दर्शक सिम्बा सहित तीन नर शेरों का दीदार कर सकेंगे। गीता ने अक्तूबर में तीन मादा शावकों को जन्म दिया है जिन्हें सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में अलग पिंजरे में रखा गया है। शेरा और सिंघम के लिए वन्यजीव विभाग नई मादा शेरनी की तलाश में भी जुट गया है।

11 एकड़ में फैला है चिड़ियाघर

सन 1982 में स्थापित यह लघु चिड़ियाघर 11 एकड़ क्षेत्र में फैला है। यहां शेर, पैंथर, भालू, घड़ियाल, मगरमच्छ, हिरण, सांभर सहित कई पक्षियों के पिंजरे हैं। जनवरी 2023 में इंदौर के चिड़ियाघर से नर शेर सिम्बा को लाया गया था वहीं मादा शेरनी गीता पहले से मौजूद थी। सिम्बा के आने के बाद गीता ने पहली बार दो नर शावकों को जन्म दिया जिनका नाम शेरा और सिंघम रखा गया। अब गीता ने दूसरी बार तीन मादा शावकों को जन्म दिया है जिनका नामकरण अभी बाकी है।

ये हैं चिड़ियाघर में शेरों की स्थिति

पिता : सिम्बा

माता : गीता

बेटे : सिंघम व शेरा

बेटी : 23 अक्तूबर को तीन मादा शावकों का जन्म, नामकरण अभी बाकी

गीता और शावकों की सेहत पर वन्यजीव विभाग की पैनी नजर

प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. वीके सक्सेना, डिविजनल वन्य अधिकारी चरणजीत सिंह, संरक्षक सुभाष यादव के निर्देशों पर निरीक्षक देवेंद्र हुड्डा, वन्यजीव रक्षक सोमवीर व ग्रुप डी कर्मी शमशेर ने बाड़े पर निगरानी बढ़ा दी है। गीता की खुराक और शावकों को मौसम से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। हीटर लगा कर शावकों को अलग पिंजरे में रखा गया है। उनकी सेहत की नियमित जांच हो रही है और मुख्यालय को रोजाना अपडेट किया जा रहा है।

नए साल पर वीरवार को सिंघम व शेरा को दर्शकों के दीदार के लिए बाड़े में छोड़ा जाएगा। गीता व तीन नए मादा शावकों को अलग पिंजरे में रखा गया है। दो साल पहले सिंघम व शेरा का जन्म हुआ था। अब मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद लोग नजदीक से सिंघम व शेरा का दीदार कर पाएंगे।