चंडीगढ़ : हरियाणा के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने औपचारिक रूप से पदभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी प्राथमिकताएं साझा कीं।
उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों पर बात करते हुए कहा कि शुरुआत में इन्हें लागू करना चुनौतीपूर्ण लगा, लेकिन आज के समय के अपराधों को ध्यान में रखते हुए इन्हें अधिक सटीक और प्रभावी बनाया गया है। सामान्य अपराधों को भी कम्युनिटी सर्विस के माध्यम से समाज से जोड़ने की पहल सरकार ने की है। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास पहले से ही शिकायत निवारण की पूरी व्यवस्था है, जहां हर नागरिक की बात सुनी जाती है और कार्रवाई की जाती है। अब इस प्रक्रिया को और अधिक ऑटोमेटिक और पारदर्शी बनाया जाएगा। जनता से मिलने वाली फीडबैक को नियमित रूप से फॉर्मलाइज किया जाएगा।
अपराध पर सख्ती और जनहित योजनाओं पर जोर
डीजीपी सिंघल ने स्पष्ट किया कि क्राइम के खिलाफ टैक्रडाउन लगातार जारी रहेगा। महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने बताया कि महिलाओं को स्कूटी उपलब्ध करवाई गई है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। बच्चों के लिए पुलिस थानों में अलग से विशेष कक्ष बनाए गए हैं।
उन्होंने 112 आपातकालीन सेवा योजना को और मजबूत करने की बात भी कही।
रेवाड़ी से है डीजीपी अजय सिंघल का नाता
अजय सिंघल का रेवाड़ी जिले से गहरा नाता है। हालांकि वर्तमान में परिवार का कोई सदस्य रेवाड़ी में नहीं रहता। रेवाड़ी में उनका परिवार हरसोरिया फैमिली के नाम से जाना जाता है।
शैक्षणिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि
अजय सिंघल IIT दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक हैं। उनके पिता ओपी सिंघल मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में अधिकारी रहे। उनके एक चाचा गुजरात में रहते हैं, जहां उनकी फैक्ट्री है, जबकि दूसरे चाचा गुरुग्राम में रहते हैं।सिंघल हमेशा सुर्खियों से दूर रहे हैं। उनकी पत्नी शीना होम मेकर हैं। उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है।
पुलिस सेवा में लंबा और प्रभावशाली अनुभव
अजय सिंघल ने कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, विजिलेंस, रेलवे पुलिस, सीआईडी, स्पेशल ब्रांच, साइबर अपराध और आंतरिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सेवाएं दी हैं। उन्हें वर्ष 2008 में पुलिस पदक और वर्ष 2017 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा वे केंद्र सरकार में वित्त मंत्रालय के अधीन डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

















