दिग्विजय चौटाला का आरोप: HTET परीक्षा परिणाम और OMR शीट्स पर घोटाले की CBI जांच होनी चाहिए

SHARE

सिरसा: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी में एचटेट पात्रता परीक्षा में 1284 अभ्यर्थियों के चयन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. अब जेजेपी युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि “1284 अभ्यर्थियों के चयन का मामला पूरी तरह से संदिग्ध है, जिसकी सीबीआई जांच करवाई जानी चाहिए. बता दें कि दिग्विजय चौटाला रविवार को बरनाला रोड स्थित चौटाला हाउस में मीडिया कर्मियों से रूबरू हो रहे थे”.

“HTET परिणाम में हुआ घोटाला”: दिग्विजय चौटाला ने कहा कि “साल 2024 में 30-31 दिसंबर को एचटेट के परिणाम में जिस तरह घोटाला हुआ है, उससे बगैर पर्ची व बगैर खर्ची का दावा करने वाली सरकार का चेहरा पूरी तरह उजागर हो गया है. 1284 अभ्यर्थियों के नाम परिणाम में बिना बायोमेट्रिक प्रक्रिया के ही शामिल किए गए हैं. जिसमें सरकार ने कोई पारदर्शिता रखते हुए इनके नाम उजागर किए. इससे साफ है कि इस मामले में जकमर पर्ची व खर्ची भी चली”.

“शिक्षा जगत में सबसे बड़ा घोटाला”: दिग्विजय चौटाला ने इस प्रकरण को हरियाणा के युवाओं के साथ खिलवाड़ बताते हुए इसे शिक्षा जगत में सबसे बड़ा घोटाला बताया. उन्होंने कहा कि “शिक्षा बोर्ड भिवानी के तत्कालीन सचिव द्वारा इस परीक्षा का परिणाम पूरी तरह से पारदर्शिता से तैयार कर घोषणा की स्वीकृति के लिए बोर्ड चेयरमैन के पास भेजा था. मगर बोर्ड चेयरमैन ने इसे दोबारा बोर्ड के पास न केवल वापस भेज दिया, बल्कि सरकार ने बोर्ड सचिव को तुरंत प्रभाव से तबदील भी कर दिया. समूची प्रक्रिया को कानूनी रूप से तय करने के बाद भी परिणाम को रिकॉल किया गया. इसके पीछे की सरकार की मंशा क्या थी”.

“कोचिंग एजेंसियों के साथ सरकार की मिलीभगत”: दिग्विजय सिंह चौटाला ने सवाल पूछा कि “आखिर ये 1284 अभ्यर्थियों को मार्जिन ऑफ एरर का लाभ देकर लाभान्वित किया गया. जबकि अन्य को इससे वंचित रखा गया. सरकार ने कुल कोचिंग एजेंसियों से मिलीभगत कर इस घोटाले को अंजाम दिया है. इस पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच करवाई जाए. यदि सरकार सीबीआई जांच से पीछे हटती है, तो जेजेपी इस मामले में पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में लेकर जाएगी”.

OMR शीट्स को लेकर कही बड़ी बात: OMR शीट्स वहीं, दिग्विजय ने कहा कि “OMR शीट निकालने के लिए उम्मीदवार को हाईकोर्ट द्वारा 2 साल तक अप्लाई करके निकालने की छूट है. लेकिन नई प्रक्रिया के दौरान वेबसाइट पर डाला गया कि इस बार रिजल्ट के बाद केवल 10 दिन तक ही ओएमआर शीट निकलवा पाएंगे”. दिग्विजय ने सरकार से सवाल किया कि “क्या OMR शीट्स को डिस्ट्रॉय कर दिया गया है? अगर OMR शीट्स को डिस्ट्रॉय कर दिया गया है, तो ये सरेआम हाईकोर्ट के आदेश का भी उल्लंघन है. सरेआम भ्रष्टाचार की ओर ये मामला इशारा कर रहा है. अगर ऐसा नहीं है, तो ओएमआर शीट्स के तथ्य जनता के सामने रखें”.