भिवानी: बारिश का पानी खेतों में भरा, खरीफ फसल खत्म, रबी की तैयारी बाधित

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भिवानी: भिवानी में पांच माह पहले हुई भारी बारिश का असर आज भी किसानों पर साफ दिखाई दे रहा है. हालात यह है कि बारिश के महीनों बीत जाने के बावजूद खेतों में आज भी पानी जमा है. जलभराव के कारण खरीफ की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है, जबकि रबी की फसल की बुआई भी संभव नहीं हो पाई. कृषि आधारित परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और कई किसान अपने बच्चों की स्कूल फीस तक भरने में असमर्थ हैं.

खेतों में आज भी भरा बारिश का पानी: कपास की फसल का समय कब का खत्म हो चुका है, लेकिन जलभराव के कारण आज भी खेतों में रूई लगी कपास की फसल खड़ी है. पानी भरे खेतों में कपास की चुनाई नहीं हो सकी, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पानी में डूब गई. किसानों का आरोप है कि सरकार और जनप्रतिनिधियों द्वारा पानी की निकासी और मुआवजे के कई दावे किए गए, लेकिन अब तक किसानों को कोई राहत नहीं मिली.

लोहारी जाटू गांव में हालात ज्यादा खराब: भिवानी जिले के बवानीखेड़ा कस्बे के गांव लोहारी जाटू के किसान आज भी अपने खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. खेतों में एक से डेढ़ से दो फुट तक पानी भरा हुआ है. गांव की करीब दो हजार एकड़ भूमि जलभराव की चपेट में है. ऐसे में किसान अगली फसल की तैयारी कैसे करें, यह सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है.

किसानों का छलका दर्द: खेतों में पानी भरा होने और फसल बर्बाद होने को लेकर किसान महिपाल ने कहा कि, ” भारी बारिश के समय सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला था, जिस पर किसानों ने अपनी बर्बाद फसलों का पंजीकरण करवाया. जिन किसानों ने फसल बीमा करवाया था, उन्होंने बीमा कंपनी से भी संपर्क किया, लेकिन आज तक न मुआवजा मिला और न ही बीमा क्लेम. खेतों में अभी भी पानी भरा होने के कारण आगे की खेती संभव नहीं है. हम आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द पानी की निकासी करवाई जाए. साथ ही मुआवजा मुहैया कराया जाए.” किसान जितेंद्र तंवर ने कहा कि, “पांच महीने बीत जाने के बाद भी खेतों में एक से दो फुट तक पानी जमा है. कपास की फसल खेतों में ही खराब हो गई, चुनाई तक नहीं हो पाई. खरीफ पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है और रबी की बिजाई भी नहीं हो सकी. हालात इतने खराब हैं कि बच्चों की स्कूल फीस तक भरना मुश्किल हो गया है.” वहीं, किसान विनोद तंवर ने कहा कि, “लगभग दो हजार एकड़ जमीन आज भी जलभराव की चपेट में है. किसान अपने खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे. मेहनत की फसल आंखों के सामने पानी में डूबी हुई है. प्रशासन को चाहिए कि तुरंत कार्रवाई कर किसानों को राहत दिलाए.”

प्रशासन ने जल्द जल निकासी का दिया आश्वासन: इस मामले में भिवानी के एसडीएम महेश कुमार ने कहा, “डीसी साहिल गुप्ता के निर्देशानुसार एक कमेटी का गठन किया गया है. कमेटी द्वारा स्थिति का जायजा लिया जा रहा है और जल्द ही खेतों से पानी की निकासी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसानों को राहत मिल सके.”