तोशाम। सिंचाई एवं जल संसाधन और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि तोशाम क्षेत्र को विकास के मामले में शिखर पर ले जाना और क्षेत्र की जनता की सेवा करना ही मेरा एकमात्र लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि तोशाम हलके में विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए अंत्योदय की भावना से कार्य कर रही है।
उद्घाटन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचने पर एसडीएम प्रदीप अहलावत, जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता विकास धनखड़, एसडीओ विक्रम पूनियां, एडवोकेट हरिसिंह सांगवान, भाजपा नेता राजकुमार जांगड़ा, प्रदीप गोलागढ़, सरपंच राजेश तंवर ने पुष्प गुच्छ देकर सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी का स्वागत किया। कैबिनेट मंत्री ने भिवानी मार्ग पर स्थित कुलदीप मनसरवास के प्रतिष्ठान का शुभारंभ भी किया।
सिंचाई मंत्री ने कहा कि नहरों की रीमॉडलिंग करवाकर लोगों को पेयजल और किसान की खेत में सिंचाई के लिए सभी नहरों में टेल तक पूरा पानी पहुंचाया जा रहा है। सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि तोशाम में करोड़ों रुपये की पेयजल योजनाओं एवं बरसाती पानी निकासी योजना का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि साढ़े 15 करोड़ रुपये से भी अधिक की राशि से कस्बे में पेयजल सप्लाई लाइन बिछाने के साथ-साथ दो वाटर टैंकों का निर्माण किया गया है और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता भी बढ़ाई गई है। उन्होंने बताया कि तोशाम में दो नए वाटर टैंकों का निर्माण होने से अब 8 करोड़ 44 लाख लीटर पानी की स्टोरेज क्षमता और बढ़ गई है। जिसके साथ ही अब पानी की कुल स्टोरेज क्षमता 18 करोड़ 94 लाख लीटर से भी अधिक हो गई है।
उन्होंने कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 4.54 एमएलडी से बढाकर अब 5.54 एमएलडी कर दी गई है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि दोनों टैंकों के निर्माण व वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाए जाने से तोशाम में स्वच्छ पेयजल सप्लाई निर्बाध रूप से हो सकेगी। श्रुति ने बताया कि कस्बे में आमजन को बरसाती सीजन में जलभराव की समस्या रहती थी। उन्होंने बताया कि 5 करोड़ 18 लाख से अधिक की राशि से बरसाती पानी की निकासी के लिए बरसाती जल प्रणाली (डिस्पोजल) का शिलान्यास किया है। इस योजना के पूरी होने के उपरांत तोशाम में जल भराव की समस्या से लोगों को स्थायी रूप से निजात मिलेगी।

















