भिवानीः रेहड़ी-पटरी लगाकर अपना स्वरोजगार करने वाले लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और आर्थिक व्यवस्था से जोड़े रखने के उद्देश्य से वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना शुरू की गई थी. इस योजना के तहत लोग ना केवल आत्मनिर्भर हो रहे हैं, बल्कि अपने परिवार का गुजर-बसर भी अच्छे से कर रहे हैं. इसको लेकर भिवानी जिले में 9 हजार के लगभग लाभार्थियों ने अप्लाई किया है. भिवानी जिला प्रशासन द्वारा बैंकों को निर्देश दिए गए है कि वे जल्द से जल्द लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध करवाएं और उनको स्वरोजगार में मदद करें.
7 प्रतिशत की दर पर तीन चरणों मेंं मिलता है ऋणः प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन को देख रहे भिवानी के अतिरिक्त उपायुक्त दीपक बाबूलाल करवा ने इस संबंध में बैंक अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक के बाद उन्होंने बताया कि “रेहड़ी-पटरी, फल, सब्जी विक्रेता, हॉकर, कारीगर, मोची, पान की दुकान सहित अन्य फुटकर कार्य करने वाले लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा 7 प्रतिशत ब्याज दर पर तीन चरणों में ऋण उपलब्ध करवाया जाता है. प्रथम चरण में 15 हजार, दूसरे चरण में 25 हजार और तीसरे चरण में 50 हजार का ऋण उन्हें स्वरोजगार के लिए उपलब्ध करवाया जाता है.”

















