धीमी रफ्तार बनी बाधा: रोडवेज बसें 40 किमी/घंटा पर, यात्रियों को हो रही देरी

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भिवानी। ठिठुरन भरी ठंड और धुंध के चलते रोडवेज बसें के लंबी दूरी के रूटों पर देरी से पहुंच रही हैं। डिपो महाप्रबंधक की ओर से धुंध के दौरान बसों को 40 किमी प्रति घंटा की स्पीड से ही चलाने के आदेश दिए गए हैं। ऐसे में सर्दी के मौसम में लंबी दूरी के रूटों पर बसें आधा से पौना घंटा देरी से पहुंच रही हैं।

भिवानी डिपो महाप्रबंधक दीपक कुंडू का कहना है कि दुर्घटना से देरी भली क्योंकि बस चालकों के कंधों पर यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है। इसी कारण यह निर्देश सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किए गए हैं। पिछले सप्ताह भर से मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कभी घनी धुंध छा जाती है तो कभी मौसम साफ रहता है। शीतलहर के कारण ठिठुरन बढ़ी है और तापमान भी करीब चार डिग्री के आसपास बना हुआ है। इसका असर रोडवेज के लंबी दूरी के शेड्यूल पर पड़ा है।

भिवानी से चंडीगढ़, दिल्ली, मुरादाबाद, मेरठ, राजस्थान और पंजाब की ओर जाने वाली बसों की समय-सारिणी प्रभावित हो रही है। रोडवेज बस चालकों का कहना है कि निर्धारित स्टॉप पर बस रोकने के साथ-साथ रूट पर 40 किमी प्रति घंटा की सीमित स्पीड बनाए रखना गंतव्य तक पहुंचने में देरी का मुख्य कारण बन रहा है। जब धुंध घनी होती है तो स्पीड 40 किमी से भी कम रखनी पड़ती है जबकि मौसम साफ रहने पर भी लंबी दूरी के रूटों पर आधा से पौना घंटा देरी होना स्वाभाविक है।

धुंध के दौरान रोडवेज बसों की स्पीड 40 किमी से अधिक नहीं रखने के संबंध में सभी चालकों को हिदायतें दी गई हैं। यह यात्रियों की सुरक्षा के लिए किया गया है। दुर्घटना से देरी भली होती है। मौसम साफ रहने पर रोडवेज बसों को चालक नियंत्रित तरीके से चला सकते हैं।