भिवानी। किसी ने अपनी कड़ी मेहनत को, किसी ने जीवन में घटित हादसों के बावजूद न केवल खुद को काबिल बनाया बल्कि अब दूसरों के जीवन में नई उम्मीद की किरण बनकर उभरे हैं। ऐसे ही भिवानी के युवा सितारों के जीवन के संघर्ष की कहानी हम बयां कर रहे हैं, जो अब युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। गांव ढांगर की युवा बेटी 25 वर्षीय मोनिका शर्मा ने वर्ष 2012 में करंट लगने की दुर्घटना में अपना एक हाथ खो दिया था। लेकिन उसका हौसला पस्त नहीं हुआ। मोनिका ने अपनी कमजोरी को ताकत में बदला और शूटिंग में कॅरिअर को आगे बढ़ाया। अब मोनिका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शूटिंग में पदक बटोर रही हैं।
वर्ष 2022 में मोनिका ने राजीव गांधी महाविद्यालय में दाखिला लिया जहां साथी खिलाड़ियों को देखकर उनके मन में खेलों के प्रति रुचि जगी। भिवानी स्थित हरियाणा शूटिंग स्पॉट रेंज अकादमी में कोच गौरव और ललित के मार्गदर्शन में उन्होंने शूटिंग का अभ्यास शुरू किया। शुरुआत में मोनिका ने छह महीने तक पिस्टल शूटिंग का अभ्यास किया बाद में राइफल में रुचि ली और लगातार मेहनत कर पदकों की झड़ी लगा दी।
गांव के मैदान से शुरू किया सफर, भारतीय जूनियर हॉकी टीम में दिखाया हुनर
गांव बापोड़ा की युवा हॉकी खिलाड़ी इशिका का खेल सफर भी प्रेरक है। बापोड़ा में पूर्व जिला खेल अधिकारी वीरेंद्र सिंह की बेटी इशिका ने शुरूआत में गांव के मैदान से ही हॉकी खेलना सीखा और बाद में भिवानी के भीम खेल स्टेडियम में अभ्यास किया। इसके बाद पिता वीरेंद्र सिंह से हॉकी के गुर सीखकर पीछे मुड़कर नहीं देखा। इशिका ने भारतीय जूनियर हॉकी टीम में शामिल होकर अपना हुनर दिखाया। उन्होंने कक्षा छठी से हॉकी खेलना शुरू किया और निरंतर मेहनत कर अपने खेल में आगे बढ़ती रही। इशिका ने फॉरवर्ड खेलने के साथ मिडफील्ड में भी शानदार प्रदर्शन किया।

















