पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला में शिक्षा सदन का घेराव करने के लिए प्रदेश भर से मिड डे मिल वर्कर सेक्टर-5 धरना ग्राउंड में पहुंची हैं। जहां पर शिक्षा विभाग के खिलाफ मिड डे मिल वर्कर की नारेबाजी चल रही है। घेराव कार्यक्रम प्रदेश अध्यक्ष राजरानी के नेतृत्व में चल रहा है।
मिड डे मिल वर्कर की अध्यक्ष राजरानी ने बताया कि प्रदेश भर से मिड डे मिल कार्यकर्ता यहां पर पहुंची हैं। उनकी 13 मांगें हैं, जिनको लेकर शिक्षा विभाग अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। विभाग के अधिकारी स्कूल मर्जर के समय वर्कर को हटा देते हैं। जिससे मिड डे मिल वर्कर के तौर पर काम करने वाली महिलाओं को बड़ी दिक्कत होती है।
मिड डे मिल वर्कर के धरने व प्रदर्शन काे देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस विभाग की ओर से तैनात पुलिस को स्पष्ट निर्देश है कि मिड डे मिल वर्करों को शिक्षा सदन की तरफ नहीं जाने दिया जाएगा। जिसके लिए वर्करों को बातचीत का प्रस्ताव भी प्रशासन की ओर से दिया गया है।
मिड डे मिल वर्करों की मुख्य मांगें
मिड डे मिल वर्करों का कटा हुआ और बकाया वेतन तुरंत जारी किया जाए।
स्कूल मर्जर के नाम पर मिड डे मिल वर्करों को हटाने के बजाए दूसरे स्कूल में शिफ्ट कर दिया जाए।
प्रदेश के स्कूलों में कार्यरत वर्करों को 12 महीने की बजाए 10 महीने दिया जाता है, जिसे पूरे 12 माह दिया जाए।
मिड डे मिल वर्कर का वेतन 26 हजार रुपए किया जाए।
कुक का वेतन उसके पर्सनल खाते में 7 तारीख तक जमा करवाया जाए।
सेवानिवृत्त पर 2 लाख रुपए वेतन दिया जाए।
वेतन भत्ते के लिए साल में 1200 की बजाए 2 हजार रुपए दिया जाए।
दुर्घटना में मौत पर 5 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए।
स्कूलों का मर्जर बंद किया जाए।
प्रदेश भर के स्कूल में कार्यरत वर्कर को साल में 2 दिन मेडिकल चेकअप करवाया जाए।
मिड डे मिल का दायरे में 12वीं कक्षा तक के बच्चों को लाया जाए।
मिड डे मिल वर्करों को पीएफ और ईएसआई के दायरे में लाया जाए।

















