भैंस सुंदरा का जलवा: 29.650 किलो दूध देकर बुलेट जीता, ट्रैक्टर जीतने का रिकॉर्ड पहले ही बना

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अंबाला: अंबाला जिले के साहा कस्बे के रहने वाले रवींद्र सिंह उर्फ बिल्लू की मुर्रा नस्ल की भैंस ने एक बार फिर अपनी काबिलियत साबित कर दी है. कुरुक्षेत्र में आयोजित DFA डेयरी फार्म एसोसिएशन हरियाणा के तीन दिवसीय पशु मेले में बिल्लू की भैंस ने 29.650 किलोग्राम दूध देकर पहला स्थान हासिल किया. इस शानदार प्रदर्शन के लिए बिल्लू को इनाम में बुलेट मोटरसाइकिल दी गई.

वर्ल्ड की सबसे महंगी भैंस: बिल्लू की इस भैंस का नाम ‘सुंदरा’ है, जिसे उन्होंने पिछले साल पवित्र सरदार से 51 लाख 30 हजार रुपये में खरीदा था. इसे वर्ल्ड की सबसे महंगी भैंसों में गिना जाता है. महंगी होने के साथ-साथ यह भैंस लगातार प्रतियोगिताओं में जीत दर्ज कर अपनी कीमत साबित कर रही है.

एक साल में तीसरा बड़ा इनाम: सुंदरा के नाम यह एक साल में तीसरा बड़ा इनाम है. इससे पहले इस भैंस ने एक प्रतियोगिता में ट्रैक्टर जीता था और एक अन्य प्रतियोगिता में बिल्लू को दो लाख रुपये नकद इनाम मिला था. लगातार मिल रही सफलता से बिल्लू और उनका परिवार काफी उत्साहित है.

कम पढ़े-लिखे, लेकिन पशुपालन में माहिर: रवींद्र सिंह बिल्लू भले ही ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन पशुपालन का उन्हें बचपन से ही शौक रहा है. उनके बुजुर्ग भी भैंसों का व्यवसाय करते थे, लेकिन बिल्लू ने इसे आधुनिक तरीके से अपनाकर प्रोफेशन बना लिया. उनके फार्म में भैंसों के साथ-साथ गाय और बकरियां भी हैं.

ब्रीड पर दिया जोर: बिल्लू का कहना है कि, “पशुपालन में सबसे ज्यादा महत्व ब्रीड का होता है. पहले मेरे पिता अपने हिसाब से पशु रखते थे, लेकिन उन्हें ब्रीड के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी. अगर हमारे पास अच्छे ब्रीड के पशु हैं, तो हम मेले में प्रतियोगिता जीत सकते हैं. दिसंबर 2025 में हमने दो प्रतियोगिताएं जीतें. एक ट्रैक्टर और दूसरी में दो लाख रुपए. कुरुक्षेत्र में हमारी भैंस ने पहला इनाम जीतकर हमें बुलेट बाइक दिलाई. सबसे बड़ी बात यह है कि इस प्रतियोगिता में सभी पशुपालक बड़े प्यार और सहयोग से रहे. हमने अपनी भैंस का नाम “सुंदरा” रखा है और यह सभी को बहुत पसंद आ रही है. यह भैंस अब तक सभी की इज्जत बढ़ा रही है. लोग अपने बच्चों को विदेश भेजते हैं, लेकिन मैंने अपने बच्चों को इसी व्यवसाय में लगाया है. यह धंधा बहुत अच्छा है.इससे लोगों को दूध मिलेगा और हमारी इनकम भी अच्छी होगी.”

मेले में दिखा भाईचारा: कुरुक्षेत्र में हुए इस पशु मेले में हरियाणा के अलावा पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से किसान पहुंचे थे. बिल्लू ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान सभी पशुपालक आपस में बड़े प्यार और भाईचारे से रहे, जो इस मेले की सबसे खास बात रही.

बच्चों को भी बनाया डेयरी व्यवसाय का हिस्सा: जहां लोग अपने बच्चों को विदेश भेजने की सोचते हैं, वहीं बिल्लू ने अपने बच्चों को इसी डेयरी व्यवसाय में लगाया है. उनका मानना है कि अगर देश में रहकर मेहनत और सही तरीके से काम किया जाए तो अच्छी खासी इनकम हो सकती है. आज साहा कस्बे के बिल्लू अपनी मेहनत और लगन से दूर-दूर तक पहचान बना चुके हैं. उनकी भैंस “सुंदरा” न सिर्फ इनाम जीत रही है, बल्कि कई युवाओं को पशुपालन को व्यवसाय के रूप में अपनाने की प्रेरणा भी दे रही है.