भिवानी। लोहारू क्षेत्र के फरटिया भीमा की अनुसूचित जाति वर्ग की छात्रा दीक्षा के आत्महत्या का मामला एक बार फिर से गर्माने लगा है। इस मामले में कोर्ट पहले ही सख्त रुख अपनाकर पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट तलब कर चुकी है वहीं अब पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री से मिलकर मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाने की तैयारी में है। सोमवार को पीड़ित परिवार और जनसंगठनों के सदस्यों ने पूर्व कृषिमंत्री जेपी दलाल से उनके आवास पर मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा।
दीक्षा आत्महत्या मामले की जांच के बाद गठित एसआईटी ने विधायक के साले हनुमान और उसके बेटे राहुल को गिरफ्तार किया था लेकिन तथ्यों के अभाव का हवाला देते हुए दोनों जमानत पर रिहा हो गए। इसके बाद पीड़ित परिवार राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पास पहुंचा। आयोग के आदेश पर दोबारा नए अधिकारी से जांच कराई गई तो पेपर की हैंडराइटिंग का मिलान नहीं हुआ जिससे मामले ने नया मोड़ ले लिया और कॉलेज की दलीलें भी गलत साबित हो गईं।
अब इस पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व कृषिमंत्री जेपी दलाल ने कहा कि कॉलेज की फीस न दे पाने के कारण प्रताड़ित होकर दीक्षा ने आत्महत्या की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के विधायक ने केस दबवा दिया लेकिन राष्ट्रीय एससी आयोग के आदेश के बाद हुई जांच में हैंडराइटिंग का मिलान नहीं हुआ। जेपी दलाल ने कहा कि विधायक स्वयं कॉलेज का प्रधान है इसलिए उसके साले, साले के बेटे के साथ विधायक के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं मृतका दीक्षा के पिता जगदीश ने कहा कि वह मामले को लेकर कई नेताओं से मिल चुके हैं और अब मुख्यमंत्री से मिलकर सीबीआई जांच की मांग करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक धनबल के सहारे केस को दबाना चाहता है इसलिए अब सीबीआई जांच ही न्याय दिला सकती है।

















