कड़ाके की ठंड से बढ़ी मुश्किलें, बीपी और मधुमेह मरीजों पर ज्यादा असर

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भिवानी। जिले में शीतलहर और कोहरे का प्रभाव लगातार जारी है। सोमवार को न्यूनतम पारा 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जिससे मौसम सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। ठिठुरन भरी ठंड और सर्द मौसम के चलते बीपी व ह्रदय व मधुमेह रोगियों की संख्या में वृद्धि देखने को मिली। मौसम बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।

सर्दी के मौसम में घरों में मीठा और तैलीय भोजन का अधिक इस्तेमाल भी बीपी और मधुमेह मरीजों के लिए समस्या बढ़ा रहा है। शहर के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग में प्रतिदिन औसतन 1500 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से सामान्य रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में लगभग 350 से 400 मरीज आते हैं जिनमें ह्रदय रोग, बीपी और मधुमेह मरीज शामिल हैं। चिकित्सक ऐसे मौसम में सावधानी बरतने की लगातार सलाह दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कहा गया है कि पंजीकरण के बाद सभी मरीजों की बीपी और मधुमेह जांच अनिवार्य है। इसके बाद ही चिकित्सक कक्ष में जांच कराई जाती है। इसके बावजूद चिकित्सक नियमित जांच और सतर्कता बरतने की सलाह देते रहे हैं।

सर्दी के मौसम में बीपी, मधुमेह व ह्रदय मरीजों के साथ ही सामान्य लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। सर्दी से बचने के लिए शरीर को गर्म कपड़े से ढंक कर रखें। सुबह-शाम ठंडी हवा में बाहर निकलने से बचें। सीने में दर्द, घबराहट, पसीना आने या सांस लेने में तकलीफ होने पर लापरवाही न बरतें, तुरंत अपने नजदीकी चिकित्सक से परामर्श करें। नियमित बीपी व मधुमेह जांच करवाते रहें।