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हरियाणा में घायल कोबरा का सफल ऑपरेशन, डॉक्टरों ने ढाई घंटे की मेहनत से दी नई जिंदगी

 हिसार। ठंड से बचने के लिए सांप घरों में छीपे हुए हैं। गांव सुलतानपुर में तूड़ी में छीपा कोबरा सांप घायल हो गए। तूड़ी निकालने वाली जेली उसके आरपार हो गई। परिवार को जब सांप का पता चला तो स्नेकमैन गौरव को फोन किया। जब गौरव ने उसको रेस्क्यू किया तो वह भी हैरान रह गया। सांप के आरपार गहरे जख्म थे।

उस सांप का लाला लाजपतराय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) के क्लीनिक में असिस्टेंट प्रोफेसर डा. रामनिवास ने ढाई घंटे आपरेशन किया। 4 फीट लंबे सांप के शरीर के दोनों तरफ 10 टांके आए। अब 14 दिन सांप आराम करेगा और उसके बाद टांके खोले जाएंगे। इस सांप के अलावा सोमवार को कुल पांच सांपों का रेस्क्यू किया गया जिसमें चार को जंगल में छोड़ दिया गया।

विद्युत नगर निवासी गौरव लंबे समय से सांपों का रेस्क्यू कर रहे हैं। गांव सुलतानपुर से एक परिवार ने उनको सांप होने की सूचना दी। सोमवार दोपहर करीब 12 जब वह उनके घर पहुंचे तो कोबरा घायल मिला। वह उसको तुरंत उठाकर वाइल्ड लाइफ टीम के साथ लुवास क्लीनिक पहुंचे। वहां पर डा. रामनिवास ने सांप को बेहोशी की दवा देकर आपरेशन शुरू किया।

सांप के शरीर पर करीब कई जगह गहरे घाव थे। उसी समय सांप को दोनों तरफ पांच-पांच टांके लगे और गौरव को उसे रखने के लिए दे दिया गया। अब 14 दिन तक वह सांप आराम करेगा और फिर उसके टांके खोल जाएंगे। ठंड में छीपे चार और सांपों का भी गौरव की तरफ से रेस्क्यू किया गया। इसमें तीन सांप गांव लाडवा में अलग-अलग मिले ता एक सेक्टर-5 में मिला। उनको अब जंगल में छोड़ा गया है।

लुवास के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नीलेश सिंधु ने कहा कि विश्वविद्यालय के क्लीनिक में सांप का आपरेशन किया गया है। सर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्राफेसर डा. रामनिवास ने सांप को टांके लगाए हैं। समय पर सांप को लाने के कारण उसकी जान बच गई।