अंबाला । सड़क पर किसी अनजान की मदद करना अब जोखिम नहीं, बल्कि सम्मान का कारण बनेगा। सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की जान बचाने के लिए छात्रों को आगे आने का संदेश देते हुए राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, प्रेम नगर में राह-वीर (नेक इंसान) योजना पर आधारित विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा, यानी गोल्डन आवर, किसी की जिंदगी और मौत के बीच का फर्क तय करता है और इसी समय मानवता सबसे बड़ी भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) अंबाला सुशील कुमार ने की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025 में अधिसूचित राह-वीर योजना का उद्देश्य आम नागरिकों को सड़क दुर्घटनाओं के दौरान निडर होकर घायलों की सहायता के लिए प्रेरित करना है। योजना के तहत जिला स्तरीय समिति द्वारा मूल्यांकन के बाद प्रत्येक राह-वीर को 25 हजार रुपये का पुरस्कार और प्रशंसा पत्र दिया जाता है।
डीटीओ ने स्पष्ट किया कि पहले लोगों में यह डर रहता था कि घायल की मदद करने पर उन्हें पुलिस या कानूनी प्रक्रिया में फंसना पड़ सकता है, लेकिन अब यह भय पूरी तरह दूर कर दिया गया है। राह-वीर को कानूनी कार्रवाई में तभी शामिल किया जाएगा, जब वह स्वयं इसकी सहमति देगा। उन्होंने बताया कि अंबाला जिले में 112 सेवा के तहत 34 आपातकालीन वाहन 24 घंटे कार्यरत हैं, लेकिन इसके बावजूद आम नागरिकों की त्वरित पहल बेहद अहम है।
112 पर सूचना देना, घायल को नजदीकी अस्पताल पहुंचाना या प्राथमिक उपचार देना किसी भी राह-वीर की वह भूमिका है, जो एक जीवन बचा सकती है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे सड़क दुर्घटना की स्थिति में निस्वार्थ भाव से मदद करेंगे, राह-वीर बनकर मानव जीवन की रक्षा करेंगे और समाज व राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देंगे।





















