हरियाणा में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित समूहों के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा का अवसर देने के लिए शिक्षा विभाग ने राइट टू एजूकेशन (RTE) के तहत एडमिशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभाग ने एडमिशन का डिटेल्ड शेड्यूल जारी कर दिया है, जिसके अनुसार स्कूलों में सीटों का निर्धारण, दस्तावेजों की जांच, ऑनलाइन आवेदन, लॉटरी और प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बाल शिक्षा का निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (आरटीई) की धारा 12(1) (सी) के तहत निजी गैर सहायता प्राप्त विद्यालयों में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए निर्धारित प्रतिशत सीटें रिजर्व करना अनिवार्य है। इस प्रावधान का उद्देश्य सभी वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान अवसर उपलब्ध करवाना है।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार 11 मार्च से 17 मार्च तक जिले के सभी प्राइवेट स्कूल अपने-अपने यहां आरटीई के तहत उपलब्ध सीटों की संख्या जारी करेंगे। इसके बाद 18 मार्च से 24 मार्च तक जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा स्कूलों से प्राप्त सीटों और संबंधित दस्तावेजों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
25 मार्च से 30 मार्च तक सत्यापित स्कूलों की सूची सार्वजनिक की जाएगी। इसके बाद 31 मार्च से 7 अप्रैल तक उज्वल पोर्टल पर पात्र बच्चों के अभिभावकों से ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे।
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षा विभाग द्वारा गठित रिजल्ट वैलिडेशन कमेटी 9 अप्रैल को लॉटरी के माध्यम से परिणाम घोषित करेगी और बच्चों को स्कूलों का आवंटन किया जाएगा। लॉटरी में चयनित बच्चों के दाखिले की प्रक्रिया 10 अप्रैल से 23 अप्रैल तक संबंधित स्कूलों में पूरी करवाई जाएगी। यदि किसी कारण से सीटें खाली रह जाती हैं, तो उन्हें भरने के लिए 30 अप्रैल से 4 मई तक वेटिंग सूची जारी की जाएगी।
पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी, ताकि पात्र बच्चों को बिना किसी परेशानी के शिक्षा का अवसर मिल सके।



























