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हरियाणा के 7 जिलों में गेहूं-सरसों की फसल बर्बाद

हरियाणा में मंगलवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि ने 7 जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा। हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, रेवाड़ी, भिवानी, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ के 100 गांवों में खड़ी गेहूं, सरसों और चने की फसल खराब हो गई।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, ‘मैं किसान का बेटा हूं। प्राकृतिक आपदाओं में होने वाले नुकसान को समझता हूं। पटवारी और तहसीलदारों की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।’

मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के मुताबिक, 1 और 2 अप्रैल को प्रदेश में मौसम सही रहेगा। इसके बाद 3 और 4 अप्रैल को मौसम फिर बदलेगा, जिससे बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। कृषि एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बारिश-तेज हवा से गेहूं खेतों में बिछ गया है। ओलावृष्टि से दाना झड़ने और फसल की गुणवत्ता खराब होने का खतरा है। किसानों को अभी फसल सूखने तक कटाई रोकने की सलाह दी गई है।

ओलावृष्टि और बारिश के कारण हरियाणा के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। 31 मार्च के आंकड़ों के अनुसार, औसत अधिकतम तापमान में 0.3°C की मामूली गिरावट दिखी, लेकिन स्थानीय स्तर पर प्रभाव कहीं अधिक था। रोहतक में तापमान सामान्य से 4.6°C नीचे गिरकर 27.9°C रह गया।भिवानी में भी 3 डिग्री की गिरावट देखी गई। राज्य में सबसे अधिक तापमान गुरुग्राम में 34.5°C दर्ज किया गया। ओलों के कारण हवा में नमी बढ़ गई है, जिससे शाम को हल्की ठंडक महसूस हुई।