भिवानी। गोरक्षा दल नौरंगाबाद की टीम ने शुक्रवार को खेत में बने एक कमरे से कुल छह सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। गोरक्षा दल प्रधान संजय परमार ने बताया कि गांव कलिंगा से सूचना मिली थी कि खेत में बने कमरे में तीन सांप देखे गए हैं। टीम के सदस्य बिजेंद्र रक्षक, जतिन, हैप्पी, अमन पंडित, हिमांशु और मानव तुरंत मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। शुरुआती जांच में तीन सांपों को सुरक्षित पकड़ लिया गया। कमरे में रखे पत्थरों को हटाकर गहनता से तलाशी लेने पर वहां तीन अन्य सांप भी मिले। टीम ने तत्परता दिखाते हुए कुल 6 सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
परमार ने बताया कि पकड़े गए 6 सांपों में से 5 रैट स्नेक थे जिन्हें स्थानीय भाषा में ‘घोड़ा पछाड़’ कहा जाता है। ये पूरी तरह विषहीन होते हैं और किसानों के मित्र माने जाते हैं क्योंकि ये चूहों का नियंत्रण करते हैं। वहीं एक अन्य सांप ‘कॉमन कैत’ भी रेस्क्यू किया गया, जो भारत के सबसे जहरीले सांपों में से एक है। इसका जहर न्यूरोटॉक्सिक होता है और अत्यंत घातक है। रेस्क्यू किए गए सभी सांपों को बाद में उनके प्राकृतिक आवास (जंगल) में सुरक्षित छोड़ दिया गया। प्रधान संजय परमार ने कहा कि अक्सर अज्ञानता और डर के कारण लोग सांप देखते ही उसे मारने के लिए दौड़ते हैं जबकि हर सांप जहरीला नहीं होता।
















