भिवानी :
भिवानी को मुक्केबाजों की नगरी माना जाता है। यहां के मुक्केबाजों ने विश्व भर में देश का नाम रोशन किया है, जिसके चलते भिवानी को मिनी क्यूबा के नाम से पहचान मिली। इसी फेहरिस्त में अब गांव धनाना निवासी प्रिया घणघस का नाम भी जुड़ गया है। जिन्होंने कजाकिस्तान में आयोजित एशियन जूनियर महिला मुक्केबाजी प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर अपने गांव व जिलावासियों को गौरवावित किया है। पदक विजेता खिलाड़ी प्रिया घणघस का शनिवार को गांव धनाना में सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
समारोह की अध्यक्षता जाटु खाप-84 के प्रधान कैप्टन भीम सिंह ने की। इस दौरान खेल प्रेमियों ने नोटों की माला से लादकर प्रिया का अभिनंदन किया तथा उन्हे अन्य बेटियों के लिए एक मिसाल बताया। इस मौके पर ग्रामीण डा. फूल सिह धनाना, प्रधान रामकिश शर्मा ने बताया कि हालही में कजाकिस्तान में आयोजित हुई एशियन जूनियर महिला मुक्केबाजी प्रतियोगिता में गांव की बेटी प्रिया ने पदक जीतकर बेटियों का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि आज मुक्केबाजों की बदौलत भिवानी को मिनी क्यूबा की पहचान मिली है तथा भिवानी को यह पहचान दिलाने में बेटियों की भी अहम भूमिका व मेहनत है। उन्होंने कहा कि आज बेटियों ने अपने मेहनत व प्रतिभा के दम पर विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है, जो कि गर्व की बात है। इस मौके पर पदक विजेता बेटी प्रिया घणघस ने अपनी जीत का श्रेय पिता महेंद्र सिंह, माता मीरा देवी, कोच महाबीर व कुलदीप को देते हुए कहा कि इन्ही के उत्साहवर्धन की बदौलत वे आज इस मुकाम पर पहुंची है। इस अवसर पर रविंद्र बेली, वजीर ढ़ोला, नफे घणघस, राजसिंह मैनेजर, कुलदीप घणघस, जयभगवान, अधिवक्ता नरेश, महाबीर, नरेंद्र, अनिल प्रवक्ता, राजसिंह सहित अनेक ग्रामीणों ने पदक विजेता बेटी को सम्मानित किया।
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