हरियाणा में आज से 4 बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। कलेक्टर रेट बढ़ने से प्रदेश में लोगों को घर, जमीन और फ्लैट खरीदने के लिए ज्यादा पैसे देने होंगे। कुल 11,947 क्षेत्रों में औसतन 75% तक रेट बढ़ाए गए हैं, जिससे अब जमीन और प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी हो जाएगी।
सरकार का कहना है कि जिन इलाकों में बाजार मूल्य तेजी से बढ़ा और रजिस्ट्रियों की संख्या ज्यादा रही, वहां नए सिरे से मूल्यांकन कर दरें तय की गई हैं। इससे राजस्व बढ़ने के साथ-साथ जमीन की वास्तविक कीमतों के हिसाब से ही रजिस्ट्रेशन होगा।
इसके अलावा सूबे के प्रमुख टालों पर भी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने टोल दरों में 5-10 रुपए (लगभग 4-5%) की बढ़ोतरी की है, जो सभी प्रमुख नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर लागू है। सबसे महंगा टोल NH-152D पर है, जहां कार का एक तरफ का किराया ₹375 हो गया है। खेड़की दौला (गुड़गांव) और चौधरीवास (हिसार) जैसे टोल प्लाजा पर भी दरें बढ़ी हैं।
गुरुग्राम के सेक्टर-28 में वर्ष 2024 में 71 हजार 600 रुपए प्रति वर्ग गज की दर थी, जिसमें पहले 30% बढ़ोतरी होकर 93 हजार 080 रुपए हुई थी। अब 45% और बढ़ने के बाद यह दर बढ़कर करीब 1 लाख 34 हजार 944 रुपए प्रति वर्ग गज हो गई है। इसी तरह बहादुरगढ़ की टीचर कॉलोनी, रणजीत कॉलोनी और भगवान कॉलोनी में भी रेट में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
वहीं कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में पहले प्रस्तावित 130% बढ़ोतरी को घटाकर 75% तक सीमित किया गया है। सोनीपत, पानीपत और करनाल जैसे शहरों में भी व्यावसायिक और आवासीय जमीन की कीमतों में 15% से 75% तक वृद्धि दर्ज की गई है। कुरुक्षेत्र के इस्माइलाबाद और करनाल रोड क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है।
सूबे में टोल दरें चार से पांच प्रतिशत तक बढ़ी हैं। NH-152D (नारनौल-अंबाला रोड): कार (एक तरफ) ₹375, डबल साइड ₹560 कर दिया गया है। वहीं खेड़कीदौला टोल (दिल्ली-गुरुग्राम): कार/जीप के लिए ₹5-₹15 की बढ़ोतरी हुई है। डाहर टोल (रोहतक-कोहाना): कार/जीप के लिए ₹65 से बढ़कर ₹70, हल्के वाहनों के लिए ₹105 से ₹110 हो गया है।
वहीं मंथली पास की वार्षिक पास की दरें ₹3 हजार से बढ़कर ₹3075 (₹75 की वृद्धि) की गई हैं। टोल प्लाजा के 20 किमी के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासियों के लिए पास की सुविधा जारी रहेगी।



























