भिवानी :
पीजीटी व टीजीटी में चुने गए उम्मीदवारों ने मंगलवार को शहर में प्रदर्शन कर टीजीटी संस्कृत भर्ती के दस्तावेज सत्यापन नए सिरे से करवाने की मांग की। इस दौरान उन्होंने भिवानी के उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपा। उम्मीदवारों का तर्क था कि जिन उम्मीदवारों का पीजीटी में चयन कर लिया गया है, उनके स्थान पर टीजीटी को मौका मिल सकता है, इसके लिए सरकार को टीजीटी संस्कृत भर्ती की दस्तावेज सत्यापन नए सिरे से करवानी चाहिए, ताकि उम्मीदवारों का समय भी बचे तथा सरकार को समय पर शिक्षकों की भर्ती करने में आसानी हो। मंगलवार को सैंकड़ों चयनित उम्मीदवार स्थानीय महम गेट स्थित हरियाणा शेखावटी ब्रहमचार्याश्रम में एकत्रित हुए तथा प्रदर्शन करते हुए स्थानीय लघु सचिवालय पहुंचे तथा उपायुक्त के माध्यम से प्रदेश सरकार के नाम मांगत्र सौंपा।
इस बारे में संस्कृत संघर्ष समिति के प्रधान आचार्य सुनील शास्त्री ने बताया कि पीजीटी संस्कृत अभ्यार्थियों को हालही में नियुक्तियां मिली है तथा टीजीटी संस्कृत की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि पीजीटी संस्कृत वाले करीबन 400 अभ्यार्थी टीजीटी संस्कृत भर्ती में भी आम है। ऐसे में वे मांग करते है कि टीजीटी संस्कृत भर्ती की दस्तावेज सत्यापन दोबारा से करवाएं जाए या बायोमैट्रिक के माध्यम से इनसे हा या ना का विकल्प लिया जाए, ताकि अधिक से अधिक अभ्यार्थियों को नियुक्ति मिल सकें। उन्होंने कहा कि यह भर्ती 16 वर्षो बाद निकाली गई है, यदि अब भी दस्तावेज सत्यापन के बगैर ही परिणाम घोषित कर दिया जाता है तो आधे से अधिक सीटे खाली जाएंगी। आचार्य सुनील शास्त्री ने कहा कि दस्तावेज सत्यापन के बाद टीजीटी को मौका मिल सकता है।
इसके लिए सरकार को सकारात्मक पहल करनी चाहिए, ताकि बिना परेशानी के शिक्षा विभाग में रिक्तियों को भरा जा सकें। इससे सरकार को समय पर शिक्षक उपलब्ध होंगे और बच्चों को तैयारी में गुणात्मक लाभ मिलेगा। इस अवसर पर सुषमा, सोमबीर, संदीप, सुबोध, डाल ललिता शर्मा, ज्योति, पूजा, पूजा यादव, विकास, तन्नु, मनजीत, राजेश, दीपक, पारूल सहित अन्य उम्मीदवार भी मौजूद रहे।
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