चिट्टे ने हिसार में मचाई तबाही, 26 युवा मृत; सिरिंज शेयरिंग से एड्स फैलने का संकट

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हिसार : हिसार चुपचाप एक भयावह दौर में प्रवेश कर चुका है। यह दौर गोलियों या बमों का नहीं, बल्कि सिरिंज और चिट्टे का है। बीते एक साल में नशे ने

पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी (एक वर्ष का विवरण)

नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए पुलिस ने हिसार में बड़े पैमाने पर धरपकड़ की है:

कानूनी कार्रवाई: 150 NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किए गए।

गिरफ्तारियां: 288 नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा गया।

हॉटस्पॉट पर स्ट्राइक: * पीरांवाली: 30 केस दर्ज, 65 तस्कर गिरफ्तार

आंबेडकर बस्ती: 25 केस दर्ज, 54 आरोपी गिरफ्तार।

जब्त नशीला पदार्थ:

पुलिस ने भारी मात्रा में सिंथेटिक और पारंपरिक नशा जब्त किया है:

  • चूरापोस्त: 2,014 किग्रा (सबसे अधिक मात्रा)

  • गांजा: 222.300 किग्रा

  • अफीम: 6.680 किग्रा

  • चिट्टा (Heroin): 2.098 किग्रा

  • नशीली दवाएं: 23,714 (टैबलेट/कैप्सूल/इंजेक्शन)

  • चरस: 309 ग्राम

पुनर्वास और सामाजिक सुधार

सिर्फ सख्ती ही नहीं, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास भी जारी हैं:

  • इलाज: 290 युवाओं को नशा मुक्ति केंद्रों में उपचार दिलाया गया।

  • काउंसिलिंग: 650 लोगों की मानसिक और मनोवैज्ञानिक काउंसिलिंग की गई।

  • सप्लाई रूट: जांच में पाया गया कि नशे की मुख्य सप्लाई दिल्ली और पंजाब से होकर हिसार तक पहुँच रही है

पुलिस जांच में सामने आया है कि चिट्टा दिल्ली में रहने वाले नाइजीरियन नागरिकों और पंजाब के तस्करों के जरिए लाया जाता है। गांजा और डोडापोस्त राजस्थान और उत्तर प्रदेश से सप्लाई होता है।

नागरिक अस्पताल क्लीनिकल साइकोलोजिस्ट डॉ. शालू ढांडा ने बताया कि रोजाना 200 के करीब युवा नशा छोड़ने की दवा लेने आते हैं। 600 के करीब नशा छोड़ने की दवाइयां लेने वाले युवाओं का रजिस्ट्रेशन है। नशा छोड़ने वालों को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती किया जाता है। अभी दो से तीन युवा भर्ती है।

हिसार के पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सवान ने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया है। आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ उनकी संपत्तियां भी अटैच की जा रही हैं।