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ठेकेदार का कारनामा: बिना ड्रेन के ही बना दी 14 फीट चौड़ी इंटरलॉक सड़क, ग्रामीणों ने काम रुकवाकर जताया विरोध

यमुनानगर : इब्राहिमपुर गांव में ठेकेदार द्वारा बेहतर सड़क बनाने का वादा कर उसके नाम पर किस तरह खानापूर्ति कर सरकारी पैसे को हजम की जाने की कोशिश की जा रही थी । गांव के लोगों की जागरूकता ने ना सिर्फ सरकारी पैसे के दुरुपयोग को रोका बल्कि सड़क के निर्माण के बाद गांव को जो परेशानी होने वाली थी उस भी समय पर होने से रोक लिया।

दरअसल गांव में 300 फीट लंबी और 14 फीट चौड़ी इंटरलॉक सड़क बन रही थी।  ठेकेदार सरकारी दफ्तर में सभी वादों के साथ काम पूरे करने का आश्वासन तो देकर आया लेकिन धरातल पर वह सड़क बनाने तो लग गया मगर वह ड्रेन बनाना भूल गया या कहें की वह बनाना ही नहीं चाहता था ।

ग्रामीणों ने कई बार ठेकेदार को यह बात कही लेकिन उसने हर बार उनकी बात को अनसुना कर दिया। उसके बाद ग्रामीणों ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी तो एसडीओ और ठेकेदार मौके पर ही दौडडे चलेआए। ग्रामीणों को तो यह भी कहना है कि सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन ठेकेदार यह बात मानने को तैयार नहीं है ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ तो सड़क निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल हो रही है।

दूसरी तरफ जिस काम को बेहतर करना चाहिए था वह नहीं हो पा रहा है। हमने संबंधित विभाग के अधिकारी और ठेकेदार को भी कहा लेकिन वह काम करने को राजी नहीं थे। पंचायती राज के एसडीओ शिवदयाल ने कहा कि यह सड़क 300 फीट लंबी बननी है और ग्रामीणों ने ड्रेन बनाने की मांग की है, जिसे पूरा कर कर जाएगा। बड़ा सवाल यह है कि जब एसडीओ और जेई की निगरानी में सड़क का निर्माण हो रहा है तो समय रहते इसके दोनों तरफ ड्रेन यों नहीं बनाई गई क्या अधिकारी लापरवाह है या फिर उनकी ठेकेदार के साथ मिलीभगत है। इस तरह के तमाम सवाल अधिकारियों और ठेकेदार की कार्य प्रणाली के बाद उठ रहे हैं।