हरियाणा में कोविड की एंट्री हो गई है। गुरुग्राम की 42 वर्षीय महिला के साथ 6 लोगों की टेस्ट रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके बाद सूबे का हेल्थ डिपार्टमेंट एक्टिव हो गया है। इससे पहले विदेश से लौटी एक महिला पॉजिटिव पाई गई थी। हालांकि इनमें ओमीक्रॉन वेरिएंट के नए सब वैरिएंट JN.1 की पुष्टि नहीं हो पाई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इन सभी संदिग्ध सैंपलों को जांच के लिए भेजा है। इसके साथ ही विभाग जीनोम सीक्वेंसिंग कराने पर भी जोर दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गुरुग्राम में महिला को हल्के कोविड लक्षण, खांसी और गले में खराश थी, अब होम आइसोलेशन में रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 87 संदिग्ध मरीजों की पहचान की गई है, जिनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इनमें से 19 मरीज़ अपने परीक्षण परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि कोरोना के नए सब वेरिएंट को लेकर अभी कोई केस सूबे में नहीं आया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग हर मुश्किल घड़ी के लिए पूरी तरह से तैयार है।
सरकार ने तय किया है कि इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (SARI) के मरीजों का RTPCR टेस्ट किया जाएगा। बैठक में उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे केसों में RTPCR टेस्ट अनिवार्य होना चाहिए। सूबे के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि कोविड-19 को नोटिफाई बीमारी घोषित करना चाहिए ताकि निजी अस्पतालों में कोई केस आए तो वह सीएमओ व सरकारी अस्पतालों को जानकारियां दें।
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