विकास अधूरा, बजट के बिना राह मुश्किल

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भिवानी। पंचायती राज विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में अधूरे पड़े विकास कार्यों को पूरा करने के लिए बजट की आवश्यकता है। विभाग ने पहली किस्त जारी की थी, लेकिन दूसरी किस्त अब तक नहीं मिली, जिससे कई परियोजनाओं पर काम प्रभावित हो रहा है।

जिले के 35 गांवों की फिरनी पर स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम चल रहा है। इस कार्य के लिए दो करोड़ रुपये की पहली किस्त तो जारी कर दी गई थी, लेकिन बकाया दो करोड़ नहीं आने से स्ट्रीट लाइट का काम फिलहाल बंद पड़ा है। इसी तरह सामुदायिक केंद्रों का निर्माण भी अब अधर में लटका हुआ है।

भिवानी जिले में 312 गांवों में से 145 से अधिक गांवों में पंचायती राज विभाग द्वारा सामुदायिक केंद्र, शिवधाम, चाहरदीवारी और अन्य विकास कार्य कराए जा रहे हैं। शुरुआत में इन परियोजनाओं के लिए बजट मिला था, लेकिन अब आगे काम जारी रखने के लिए धन की दरकार है। विभाग के अधिकारी मुख्यालय से लगातार पत्राचार कर बकाया बजट मुहैया कराने की कोशिश में लगे हैं।

चौपाल निर्माण भी रुका

विभागीय बजट की कमी के कारण गांवों में चौपाल निर्माण का काम भी अधर में लटक गया है। पिछले साल मंजूर की गई परियोजनाओं पर कुछ काम शुरू हो चुका है, लेकिन कई जगह छत और अन्य निर्माण कार्य अटक गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि बकाया बजट समय से आ जाता है, तो इन परियोजनाओं को इसी वित्त वर्ष में पूरा किया जा सकता है।

पंचायती राज विभाग में कई विकास के काम चल रहे हैं। बजट के लिए थोड़ी बहुत समस्या बनी ही रहती है। बजट नियमित रूप से मिलने पर एजेंसी को भी काम में रुकावट का मौका नहीं मिलता है। मुख्यालय से भी पत्राचार किया जा रहा है।