भिवानी में शनिवार को हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMS) के बैनर तले डॉक्टरों ने हड़ताल की। शनिवार को केवल ओपीडी सर्विस बंद की। हालांकि इमरजेंसी और पोस्टमार्टम सेवाएं सुचारू रूप से चली। जिसके कारण मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने में दिक्कत हुई।
HCMS के जिला अध्यक्ष डॉ. नवीन घोष ने कहा कि करनाल में डॉक्टर के साथ हुई घटना के विरोध में पूरा हेल्थ डिपार्टमेंट इकट्ठा हुआ। राज्य एसोसिएशन द्वारा ओपीडी में पूर्णतया: हड़ताल का आह्वान किया गया था।
जिसके तहत जिला नागरिक अस्पताल के साथ-साथ फिल्ड की पीएचसी, सीएचसी और एसडीएच में ओपीडी सर्विस बंद रखी गई हैं। इसमें सभी डॉक्टर, डेंटल सर्जन, एनएचएम कर्मचारी, नर्सिंग ऑफिसर, फार्मासिस्ट, एमपीएचड्ब्ल्यू, एलटी और क्लेरिकल स्टाफ साथ में हैं।
उनकी मांग है कि करनाल में पुलिस द्वारा डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार किया गया है, उस पुलिस वाले के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। आरोपी SHO को गिरफ्तार किया जाए, जो जांच है उसे निर्धारित समय में पूरा किया जाए। जिले में करीब 130 डॉक्टर हैं, जिनमें से करीब 100 डॉक्टर हड़ताल पर हैं।
जो 30 डॉक्टर हैं, वे इमरजेंसी ड्यूटी और पोस्टमार्टम आदि ड्यूटी पर हैं। अभी इमरजेंसी सेवाएं, पोस्टमार्टम, ओटी आईसीयू आदि सर्विस चल रही हैं। सभी डॉक्टर उनके साथ हैं। साथ ही चेतावनी देते हुए कहा अगर उनकी मांग सोमवार तक पूरी नहीं हुई तो सोमवार से उन्हें पूर्णतया: हड़ताल करनी पड़ेगी।
डॉ. मनीष श्योराण ने कहा कि करनाल में एक निंदनीय वारदात हुई। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ पुलिसकर्मी द्वारा दुर्व्यवहार किया गया। डॉक्टर के साथ मारपीट की गई। उसकी घटना के विरोध में भिवानी के डॉक्टर हड़ताल पर हैं।
सभी की मांग है कि जो भी दोषी है, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। सरकार से यह विनती है कि इस मामले में जो भी कानूनी कार्रवाई बनती है, वह जल्दी से जल्दी करे। ताकि जनता परेशान न हो और हम भी काम पर लौटें।



























