Advertisement

फरीदाबाद से ग्रेटर नोएडा 15 मिनट में, 36 साल बाद फोरलेन पर तैयार बड़ी राहत

फरीदाबाद. ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद के बीच लंबे समय से आना जाना लोगों के लिए बड़ी चुनौती रहा है. दोनों शहरों को जोड़ने वाला मंझावली पुल अब गांव वालों और रोजाना सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत बनने वाला है. इससे पहले लोग नोएडा जाने के लिए लंबा रास्ता पकड़ते थे और अक्सर जाम में फंस जाते थे. रोज काम पर जाने वाले पढ़ाई करने वाले या कारोबार से जुड़े लोग घंटों सफर करते थे. अब मंझावली पुल और उससे जुड़ी नई सड़क बन जाने के बाद समय और ईंधन दोनों की बचत होगी. पुल की चार लेन की सड़क निर्माण पर 66 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है.
दरअसल, इस नई सड़क से आसपास के 150 से 200 गांवों को सीधे फायदा होगा. कनेक्टिविटी बेहतर होने से इस पूरे इलाके में सुविधाएं बढ़ेंगी और गांव वालों की जिंदगी पहले से काफी आसान हो जाएगी. ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद के बीच सफर हमेशा से ही मुश्किल रहा है. एनसीआर का हिस्सा होने के बावजूद यहां कोई सीधा सड़क संपर्क नहीं था. लोग दिल्ली और नोएडा होकर भीड़भाड़ वाले रास्तों पर निर्भर रहते थे. इससे अक्सर देरी और परेशानी होती थी. लेकिन अब स्थिति बदलने वाली है. मंझावली पुल के पूरा होने के बाद यात्रा का समय घटकर मात्र 30 मिनट रह जाएगा और रोज का सफर आसान हो जाएगा.
लोकल 18 से बातचीत में कुछ ग्रामीणों ने इस सुविधा पर अपनी खुशी जाहिर की. उत्तर प्रदेश के जगनपुर गांव के उद्यम नागर ने बताया कि यह रास्ता हरियाणा से यूपी के लिए जाता है. बहुत ही जल्दी काम चालू हो जाएगा. अभी नोएडा काफी घूम कर जाना पड़ता है. 10 से 15 किलोमीटर की बचत होगी. हरियाणा से यूपी कनेक्ट हो जाएगा. बल्लभगढ़ के तिगांव के सुनील नागर ने बताया अभी काम से कम 7 किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है, लेकिन इस कनेक्टिविटी से अब डेढ़ किलोमीटर की दूरी रहेगी. फरीदाबाद की तरफ से यह काम 2024 में कंप्लीट हो गया था. उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से यह काम अटका हुआ था, क्योंकि किसानों को मुआवजा नहीं मिला था. अब मुआवजा पूरा हो चुका है. ऐसे में डेढ़ से 200 गांवों को यूपी के बुलंदशहर तक फायदा होगा. यहां से जेवर मात्र 25 किलोमीटर दूर है.
सुनील कहते हैं कि फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल के लिए भी काफी फायदा होगा. नोएडा में रिश्तेदारी के चलते भी लोगों को अक्सर जाना आता रहता है. अभी लोग दिल्ली कालिंदी कुंज होते हुए जाते हैं, जहां अक्सर जाम लग जाता था और काफी घूमकर जाना पड़ता था. अब यह बन जाने के बाद मात्र 15 मिनट में नोएडा पहुंच जाएंगे.  मंझावली गांव के पंडित राम लाल ने कहा रास्ता बन जाएगा तो काफी सुविधा मिलेगी. बच्चे पढ़ने जाते हैं नोएडा और उन्हें काफी फायदा होगा. मात्र 15 से 20 मिनट में पहुंच जाएंगे. उन्होंने बताया कि मैंने पूरा जीवन इसी गांव में बिताया है. पहले यहां नाव से पार करके नोएडा जाते थे. जब से यह यमुना पुल बना है तब से और सुविधा हो गई है.
ससुराल जाने में दिक्कत होती थी
सुमित शर्मा ने बताया कि मेरी शादी ग्रेटर नोएडा में हुई है और मैं अक्सर आता जाता हूं. पहले काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था. दिल्ली के अंदर से जाना पड़ता था. BS4 गाड़ियां नहीं चलती थीं और जाम अलग मिलता था. अब इस मार्ग के बन जाने के बाद बहुत राहत मिलेगी. टाइम और फ्यूल की बचत होगी. यहां के ग्रामीण लोगों का जीवन भी आसान होगा. बहुत सारे डेवलपमेंट हुए हैं जमीनों के रेट बढ़ गए हैं. उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से 1.7 किलोमीटर का रोड रह गया था. जब वह पूरा हो जाएगा तो बहुत ही बेहतरीन हो जाएगा.
5 किलोमीटर सड़क को चौड़ा कर इसे चार लेन का बनाने की योजना
मंझावली पुल और इसके आसपास की नई सड़क की कुल लंबाई 1.7 किलोमीटर होगी. इसके साथ ही जिले के अंदर लगभग 5 किलोमीटर सड़क को चौड़ा कर इसे चार लेन का बनाने की योजना है. उत्तर प्रदेश शासन ने सड़क निर्माण के लिए बजट मंजूर कर दिया है. बता दें कि 36 साल पहले 1989 में इस सड़क परियोजना का शिलान्यास पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट ने किया था. हालांकि लंबे समय तक काम बंद रहा। 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद परियोजना को दोबारा शुरू किया गया लेकिन ग्रेटर नोएडा में भूमि विवाद के कारण यह मार्ग पिछले 11 वर्षों से अटका रहा.
200 गांवों को फायदा होगा
फरीदाबाद से मंझावली पुल तक लोग कच्ची सड़क से गुजरकर जा रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है. इस सड़क और पुल के बनने के बाद रोजाना आवागमन आसान होगा. स्कूलों, अस्पतालों और बाजारों तक पहुंच बेहतर होगी. इस सड़क निर्माण के लिए चार गांवों के 110 किसानों से कुल 6.888 हेक्टेयर जमीन खरीदी गई, जिस पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए गए.  इससे नोएडा, जेवर, फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल और आसपास के करीब 200 गांवों को फायदा होगा. लोग रोजाना काम, पढ़ाई और व्यापार के लिए आसानी से आ-जा सकेंगे.