हरियाणा में रबी सीजन में फसलों की खरीद के नए नियमों के विरोध में किसान संगठनों ने संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले कई जिलों में प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक मंडियों में तौल बंद करने का भी फैसला लिया गया है।
सिरसा में भावदीन टोल के पास किसान हाईवे पर ही बैठे हुए है। पानीपत, कैथल और फतेहाबाद में भी किसानों का प्रदर्शन शुरू हो गया है। हिसार में हाईवे पर जाम लगाने पहुंचे किसानों की पुलिस से नोकझोंक हुई। किसान हाईवे जाम करने पर अड़े हुए है। इसे देखते पुलिस ने रूट डायवर्ट कर दिया है।
बता दें कि नए नियमों को वापस लेने के लिए किसान संगठनों ने सरकार को 10 अप्रैल तक का समय दिया था। मगर, सरकार की ओर से इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया, जिसके बाद संगठनों ने आंदोलन की कॉल की है। उधर, किसानों के प्रदर्शन को लेकर पुलिस भी अलर्ट है। डीजीपी अजय सिंघल ने सभी जिलों में ट्रैफिक डायवर्जन और मंडियों के बाहर निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
किसान संगठनों का कहना है कि सड़क जाम के दौरान एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को रास्ता दिया जाएगा, लेकिन सामान्य वाहनों को इस दौरान रोका जाएगा। किसानों के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को देखते हुए डीजीपी अजय सिंघल की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई।
डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि धरना-प्रदर्शन के दौरान शरारती तत्व माहौल खराब कर सकते हैं, इसलिए पुलिस को पहले से पूरी तैयारी रखनी होगी। सभी जिलों को ट्रैफिक डायवर्जन प्लान बनाने, पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने किसान नेताओं से भी समन्वय बनाने के निर्देश दिए हैं।






















