रोहतक: पीजीआईएमएस में फोरेंसिक विभाग के एचओडी डॉ. एसके धत्तरवाल को सस्पेंड कर दिया गया है। उन पर लड़की के शव के पोस्टमार्टम के बाद विवादित बयान देने व यूनिवर्सिटी के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। धत्तरवाल इसी माह के अंत में रिटायर होने वाले हैं।
2017 में पीजीआईएमएस में एक लड़की का पोस्टमार्टम हुआ था। मामले में धत्तरवाल पर आरोप था कि उन्होंने लड़की के पोस्टमार्टम में दुष्कर्म व सामूहिक दुष्कर्म होने की बात एक चैनल के सामने कही थी, जबकि वह पोस्टमार्टम करने वाले पैनल में नहीं थे। सरकार के आदेश पर यूनिवर्सिटी ने जांच कराई, लेकिन डॉ. धत्तरवाल जांच कमेटी के सामने प्रस्तुत नहीं नहीं हुए। एक माह पहले उन्हें चार्जशीट किया था। उन्होंने जवाब अथॉरिटी के सामने प्रस्तुत नहीं किया। कुलपति की अनुमति के बाद प्रशासन ने डॉ. एसके धत्तरवाल को सस्पेंड करने का आदेश जारी किया है।
जांच पूरी होने तक स्टेशन नहीं छोड़ पाएंगे
आदेश में यह बात साफ की गई है कि सस्पेंड होने के बाद एसके धत्तरवाल रोहतक में अपना स्टेशन नहीं छोड़ेंगे, जबकि वह 31 जनवरी को रिटायर होने वाले हैं। इससे साफ है कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं होगी, एसके धत्तरवाल को पेंशन जारी होना मुश्किल है। क्योंकि जांच पूरी होने के बाद ही पेंशन जारी होने का नियम है।
डॉ. एसके धत्तरवाल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का आदेश जारी किया गया है। उन पर पुराने मामले के साथ ही यूनिवर्सिटी के नियमों के उल्लंघन का आरोप है।

















