पंचकूला। पंचकूला अब सिर्फ एक योजनाबद्ध शहर ही नहीं, बल्कि धार्मिक, प्राकृतिक और साहसिक पर्यटन का उभरता हुआ केंद्र बनता जा रहा है। हरियाणा सरकार ने जिले की पर्यटन संभावनाओं को देखते हुए धार्मिक स्थलों को जोड़ते हुए एक धार्मिक पर्यटन कारिडोर विकसित करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही मोरनी हिल्स को साहसिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाने का कार्य किया जा रहा है। हाल के वर्षों में हुए विकास कार्यों और बेहतर सुविधाओं के कारण पंचकूला को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल रही है।
मोरनी हिल्स: साहसिक पर्यटन की नई पहचान
पंचकूला के उत्तर-पूर्व में स्थित मोरनी हिल्स हरियाणा का एकमात्र पहाड़ी पर्यटन स्थल है। यहां का ठंडा मौसम, प्राकृतिक नज़ारे और शांत वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
मोरनी में पर्यटक कम समय में कई गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं। टिक्कर ताल पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण है, जहां जेट स्की, मोटरबोट, कैमल राइडिंग और पैरामोटर जैसी रोमांचक गतिविधियां उपलब्ध हैं। हरियाणा सरकार ने टिक्कर ताल में रुकने के लिए रेस्ट हाउस, मेस और अन्य सुविधाएं विकसित की हैं। इसके अलावा अच्छे होटल मौजूद हैं, जिससे पर्यटकों को ठहरने में कोई परेशानी नहीं होती।
आसान कनेक्टिविटी और बेहतर सुविधाएं
पंचकूला सड़क, रेल और हवाई मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। निकटतम एयरपोर्ट चंडीगढ़ है, जहां से देश के बड़े शहरों के लिए उड़ानें उपलब्ध हैं। रेल मार्ग से चंडीगढ़ और कालका रेलवे स्टेशन दोनों विकल्प मौजूद हैं। सड़क मार्ग से दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे द्वारा यहां पहुंचना बेहद सरल है। ठहरने के लिए फाइव स्टार से लेकर बजट होटल तक सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
पिंजौर गार्डन: मुगल शैली की अनूठी विरासत
पंचकूला से करीब 12 किमी. दूर स्थित पिंजौर गार्डन, जिसे यादविंद्र गार्डन भी कहा जाता है, अपने ऐतिहासिक और वनस्पतिक महत्व को प्रसिद्ध है। 100 एकड़ में फैले मुगल गार्डन का निर्माण 17वीं शताब्दी में फिदाई खान ने कराया था। फूलों, हरियाली, फव्वारों और सुंदर बागों से सजा यह स्थल पर्यटकों को बेहद पसंद आता है। यहां लगने वाला मैंगो मेला भी देशभर में मशहूर है।
मोरनी क्षेत्र के दर्शनीय स्थल
मोरनी में स्थित किला घाट म्यूजियम भी दर्शनीय स्थल है। शांत वातावरण में बने इस म्यूजियम में परिवार सहित लोग घूमने आते हैं। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यहां जंगली जानवरों की कृत्रिम स्कल्पचर विशेष आकर्षण हैं। इसके अलावा पांडवकालीन मंदिर, माता समलाशन मंदिर और प्राचीन हनुमान मंदिर धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र हैं।
कालका-शिमला टाय ट्रेन: विरासत और रोमांच
पिंजौर के पास स्थित कालका विश्व प्रसिद्ध रेलवे स्टेशन है। यहां से चलने वाली कालका-शिमला टॉय ट्रेन यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज सूची में शामिल है। पहाड़ियों के बीच से गुजरती यह ट्रेन यात्रा पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव प्रदान करती है। बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे इस रूट पर नई साज-सज्जा वाले कोच भी शुरू कर रहा है।
यहां के धार्मिक स्थलों की भी है विशेष पहचान
पंचकूला धार्मिक पर्यटन का भी बड़ा केंद्र है। यहां माता मनसा देवी मंदिर, काली माता मंदिर, माता समलाशन मंदिर, प्राचीन हनुमान मंदिर शेरला और ऐतिहासिक गुरुद्वारा नाडा साहिब स्थित हैं। इन स्थानों पर साल भर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है।




















