हरियाणावासियों के लिए खुशखबरी! अंबाला एयरपोर्ट से इन 4 शहरों के लिए शुरू होगी फ्लाइट

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चंडीगढ़ : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना ”उड़ान” के तहत प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के प्रयासों से अंबाला छावनी को जो एयरपोर्ट की सौगात मिली थी। अब वह जल्द लोगों की सेवा में उपलब्ध हो जाएगा, क्योंकि जल्द यहां से फ्लाइट शुरू होने जा रही है, जिसे लेकर शासन- प्रशासन ने लगभग अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली है। सभी प्रकार की सरकारी औपचारिकताएं पूरी होने के साथ-साथ यहां की व्यवस्था- सुरक्षा और सुविधाओं का कार्य पूरा हो चुका है।

कुछ सरकारी फॉर्मेलिटी की देरी के चलते प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कुछ दिन पहले विमानन मंत्री राम मोहन नायडू से मुलाकात की थी, जिसके बाद तुरंत प्रभाव से इस कार्य ने तेजी पकड़ी और यहां की व्यवस्थाएं पूरी की गई। एयरपोर्ट की सभी इमारतें पूरी तरह से तैयार हैं। जिनमें कार्य और आवश्यकता अनुसार फर्नीचर और इक्विपमेंट लगाया जा चुके हैं। सिक्योरिटी से संबंधित सभी साधन-उपकरण जिसमे हस्ताक्षर इत्यादि के कारण देरी आ रही थी वह भी अब एयरपोर्ट में सुसज्जित कर दिया जा चुके हैं। यानि जल्द एयरपोर्ट लोगों की सेवा में हाजिर होगा। यह एयरपोर्ट एक बड़े जंक्शन हब के रूप में आने वाले दिनों में उभर सकता है।क्योंकि जी टी रोड पर स्थित है तथा अंबाला छावनी से हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल, चंडीगढ बिल्कुल स्टे हुए हैं।

बता दें कि अंबाला के डोमेस्टिक एयरपोर्ट से पहले देश के चार प्रमुख स्थानों जम्मू -अयोध्या- श्रीनगर और लखनऊ के लिए फ्लाइट शुरू करने की तैयारी है। देश की कई महत्वपूर्ण नामचीन एयरलाइनस कंपनियां अंबाला छावनी के एयरपोर्ट से उड़ान भरने का इंटरेस्ट केंद्र सरकार को दिखा चुकी हैं और कुछ कंपनियों से एमओयू साइन भी हो चुके हैं यानी आने वाले समय में यह एयरपोर्ट देश के हर कोने में यात्रियों को लाने – ले जाने का काम करेगा। कुछ कंपनियों से सरकार के एमओयू साइन भी हो चुके हैं। बता दें कि अंबाला छावनी में एयरपोर्ट प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल विज का ड्रीम प्रोजेक्ट है, लेकिन यह कामयाबी उन्हें लंबे समय तक कड़ी मेहनत और अथक प्रयासों के बाद मिल पाई है। “डोमेस्टिक एयरपोर्ट, अंबाला छावनी” होगी इस एयरपोर्ट की पहचान।

एयरफोर्स स्टेशन से सटी 20 एकड़ जमीन आर्मी से ली गई

अनिल विज के अथक प्रयासों के बाद मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी, जिसके बाद हरियाणा सरकार ने रक्षा मंत्रालय को इसके लिए प्रस्ताव भेजा था। हरियाणा सरकार ने अंबाला में एयरफोर्स स्टेशन से सटी 20 एकड़ जमीन आर्मी से डोमेस्टिक एयरपोर्ट बनाने के लिए ली है। सेना ने जमीन की कीमत 133 करोड़ रुपए आंकी थी। सेना के साथ हुए एमओयू के तहत सेना को जब भी जरूरत होगी, हरियाणा सरकार उसी कीमत के बदले सेना को जरूरी बुनियादी ढांचा मुहैया कराएगी।

आस-पास के कई जिले होंगे लाभान्वित

एयरपोर्ट से ना केवल अंबाला बल्कि आसपास के कई जिलों के लोगों को लाभ होना सुनिश्चित होगा। एलायंस एयर के साथ अनुबंध से अंबाला से जम्मू, श्रीनगर, लखनऊ, अयोध्या के लिए उड़ानें शुरू होंगी। शुरुआत में यात्रा की शुरुआत एटीआर 42 विमान से होगी। यात्रियों की संख्या के आधार पर अगला फैसला लिया जाएगा। दरअसल लंबे समय से अंबालावासी अपने क्षेत्र में डोमेस्टिक एयरपोर्ट की लगातार मांग कर रहे थे। जो कि अब उनकी मांग-उनका सपना पूरा होने के बेहद नजदीक है। क्योंकि प्रदेश के गृह स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज इसके लिए लंबे समय से प्रयासरत थे। केंद्र सरकार ने उनके ड्रीम प्रोजेक्ट के सपने पर फूल चढ़ाते हुए इसे मंजूरी दी थी। इसके लिए सिविल एविएशन मंत्रालय से 40 करोड़ मंजूर हुए थे। जो कि उसके बाद ओर भी काफी मोटा बजट इस पर खर्च हो चुका है। एयरफोर्स स्टेशन के ठीक साथ में डोमेस्टिक एयरपोर्ट के लिए नया टर्मिनल बनाया गया है। जहां से विमान के यात्रियों को टैक्सी-वे पर पहुंचाया जाएगा।

बहुत कम समय में एक बड़ा टास्क हुआ पूरा

अंबाला कैंट में इस एयरपोर्ट के निर्माण का कार्य बेहद युद्ध स्तर पर किया गया है। क्योंकि इस कार्य में अनिल विज बेहद रूचि लिए हुए थे। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत उड़ान योजना से भी जल्द अंबाला को लाभ मिलने लगेगा। डोमेस्टिक एयरपोर्ट टर्मिनल से फ्लाइट आप्रेशन जल्द शुरू होने के बेहद नजदीक है। अंबाला से घरेलू उड़ान शुरू होने से यात्रियों को इसका बेहद लाभ मिलेगा। बता दें कि अन्य क्षेत्रों से भी एयर कनेक्टिविटी बढ़े, इसके लिए भी अनिल विज प्रयासरत हैं।

केंद्र में विज की मजबूत पकड़ और निजी संबंध आए काम

अंबाला में एयरपोर्ट अनिल विज का ड्रीम प्रोजेक्‍ट था। अंबाला कैंट में डोमेस्टिक एयरपोर्ट बनाने के लिए वह काफी समय से प्रयासरत थे। जिसके लिए अनिल विज के साथ बैठक के बाद प्रशासन ने कुछ गांवों की जमीन भी चिहिन्त की थी। गांवों के सरपंचों से बातचीत करने के बाद अफसरों ने गांवों का दौरा भी किया था। विज ने एयरपोर्ट को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की थी। क्योंकि छावनी क्षेत्र में एयरपोर्ट बनवाना एक बड़ी चुनौती थी। सुरक्षा कारणों के चलते इस प्रकार के प्रोजेक्ट छावनी क्षेत्र में लगाए जाने को लेकर काफी कठिनाइयां आ रही थी। लेकिन लगातार प्रयासों के बाद विज की केंद्र में मजबूत पकड़, निजी संबंध काम आए तथा वह डोमेस्टिक एयरपोर्ट की जरूरत केंद्र को समझा पाने में सफल रहे। जिसका बेहद लाभ क्षेत्र के लोगों को जल्द मिलने जा रहा है।

व्यापारियों को होगा बड़ा लाभ 

केंद्र सरकार द्वारा उड़ान योजना के तहत अंबाला कैंट में सिविल यानि डोमेस्टिक एयरपोर्ट बनाने के निर्णय को अमलीजामा पहनाने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम द्वारा जमीन का सर्वे किया गया था। पूरी औपचारिकताएं करने के बाद अनिल विज के ड्रीम प्रोजेक्ट पर मोहर लग पाई थी। जो कि क्षेत्रवासियों तथा अंबाला छावनी के विधायक अनिल विज के लिए बेहद राहत भरी और खुशी भरी खबर थी। विज ने अंबाला में एयरपोर्ट की मंजूरी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सिविल एविएशन मंत्री का आभार जताया था। क्योंकि एयरपोर्ट खुलने से यहां के व्‍यापारियों को फायदा मिलने के साथ क्षेत्र के लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

एयरलाइन कंपनियों को भी होगा बड़ा लाभ 

बता दें कि अंबाला एक बेहद पुराना जंक्शन है और देश के कोने कोने में यहां से रेल गाड़ियों का आवागमन है। जिसमें रोजाना बड़ी संख्या में आबादी देश के अन्य स्थानों पर पहुंचती है। साथ ही जीटी रोड पर मौजूद होने के कारण अंबाला छावनी की कनेक्टिविटी कई राज्यों के साथ है और आसपास किसी भी जिले में एयरपोर्ट मौजूद नहीं है। यहां के लोगों को उड़ान भरने के लिए चंडीगढ़ या दिल्ली पर डिपेंड रहना पड़ता था और व्यापारिक दृष्टि से भी अंबाला कई राज्यों के साथ लेनदेन रखता है। बड़ी संख्या में व्यापारी आमतौर पर अंबाला में आते जाते हैं। लेकिन आने-जाने में उन्हें सड़क मार्ग से लंबा समय लगता था इसका सीधा लाभ एयरलाइन कंपनियों को मिलेगा और यहां से उड़ान भरना कंपनियों के लिए फायदे का सौदा रहना तय माना जा रहा है, इसी कारण से लगभग सभी कंपनियां यहां से उड़ान भरने में रुचि दिखा रही हैं।

क्षेत्रीय लोगों के लिए उपलब्ध होंगे रोजगार के साधन

इस बड़े प्रोजेक्ट से न केवल हवाई यात्रा करने करने वाले लोगों को लाभ होने वाला है, बल्कि आम जनमानस के लिए भी इससे काफी बड़ी मात्रा में रोजगार के साधन संसाधन उपलब्ध होंगे। खास तौर पर ट्रांसपोर्ट से संबंधित कार्य करने वालों को इससे लाभ होगा। जिससे क्षेत्र में आर्थिक उन्नति होगी और लोग खुशहाल होंगे।

क्या कहते हैं कैबिनेट मंत्री अनिल विज

अनिल विज ने बताया कि मैंने केंद्रीय उड्डयन मंत्री जी को पत्र लिखा था, अंबाला से श्रीनगर, अंबाला से लखनऊ की एयरलाइंस के बारे में उन्होंने लिखा है जिसकी स्वीकृति मिल चुकी है। एक कंपनी से हरियाणा सरकार ने एमओयू किया हुआ है कंपनी ने बैठक के दौरान कहा था कि अंबाला से जम्मू और अयोध्या फ्लाइट चलाने के लिए वह पूरी तरह से तैयार हैं। जेट एयरवेज ने भी अंबाला से एयरलाइंस चलाने के लिए इच्छा जाहिर की है। केंद्रीय मंत्री जी से मै भी मिला था तो उन्होंने इंडिगो कंपनी की एयरलाइंस भी अंबाला से चलवाने की बात कही थी यानी बहुत सी कंपनियां अंबाला से फ्लाइट शुरू करने की इच्छा जाहिर कर रही है। अनिल विज ने बताया कि वह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस पूरे प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से लिख चुके हैं और इनवाइट कर चुके हैं। इसलिए मुझे उम्मीद है कि वह इसके उद्घाटन के लिए जरूर पहुंचेंगे।

जेट एयरवेज ने भी अंबाला से एयरलाइंस चलाने के लिए इच्छा जाहिर की

अंबाला छावनी का एयरपोर्ट पूरी तरह से तैयार हो चुका है। उसमें सभी प्रावधान पूरे कर दिए जा चुके हैं। बिल्डिंग बन चुकी हैं। सिक्योरिटी इक्यूपमेंट लग चुके है। फर्नीचर आ चुका है। इसे लेकर मैंने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखा था, अंबाला से श्रीनगर, अंबाला से लखनऊ की एयरलाइंस के बारे में उन्होंने लिखा है जिसकी स्वीकृति मिल चुकी है। एक कंपनी से हरियाणा सरकार ने एमओयू किया हुआ है कंपनी ने बैठक के दौरान कहा था कि अंबाला से जम्मू और अयोध्या फ्लाइट चलाने के लिए वह पूरी तरह से तैयार हैं। जेट एयरवेज ने भी अंबाला से एयरलाइंस चलाने के लिए इच्छा जाहिर की है। केंद्रीय मंत्री से अनिल विज मिले थे, तो उन्होंने इंडिगो कंपनी की एयरलाइंस भी अंबाला से चलवाने की बात कही थी यानी बहुत सी कंपनियां अंबाला से फ्लाइट शुरू करने की इच्छा जाहिर कर रही है। क्योंकि अंबाला छावनी एक जंक्शन है। सभी क्षेत्रों से यहां गाडियां – बसे आती जाती हैं। यह जीटी रोड पर मौजूद है। बाकी सभी एयरपोर्ट ब्रांच लाइनों पर है लेकिन यह जंक्शन है। इसलिए एयरलाइंस की कंपनियों को यहां से अच्छी सवारी मिलने की उम्मीद है। उनकी कैलकुलेशन में यह कंपनी के फायदे में है। वह यह अनुमान लगाते हैं कि कितने लोग गाड़ी पर रोजाना जाते हैं तो क्या इनमें से कुछ सैकड़ो लोग हवाई यात्रा नहीं करेंगे। उनकी यह स्टडी है इसलिए वह इसमें काफी इच्छा जाहिर कर रहे हैं।