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हरियाणा में 6 नए फास्टट्रैक कोर्ट खुलेंगे:सोनीपत में 2 नए पुलिस स्टेशनों को मंजूरी

सोनीपत।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोनीपत जिले के गांव बरोटा और फरमाणा में 2 नए पुलिस स्टेशनों की स्थापना के लिए प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। यह निर्णय क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों के जवाब में लिया गया है, जिसका उद्देश्य इस क्षेत्र के निवासियों के लिए सुरक्षा बढ़ाना है। गृह विभाग ने कुल क्षेत्रफल और जनसंख्या सहित भौगोलिक और जन सांख्यिकीय कारणों पर विचार किया था।

खरखौदा थाने के अंतर्गत आने वाले गांव महीपुर, फरमाणा, निजामपुरा माजरा, मौजमनगर, रिढाऊ, गोरड़, बिधलाना, सिलाना गांव को नए प्रस्तावित फरमाणा थाने में शामिल किया गया है।

खरखौदा थाने के अंतर्गत आने वाले गांव मंडोरा, मंडौरी, हलालपुर, तुर्कपुर, झिंझौली को बरोटा थाने में शामिल किया गया है। बरोटा में स्थापित होने वाला नया पुलिस स्टेशन लगभग 58,100 लोगों को सेवा प्रदान करेगा। जबकि, फरमाणा पुलिस स्टेशन पर करीब 77,951 लोगों की सुरक्षा का जिम्मा रहेगा। हरियाणा सरकार ने स्थापित मानदंडों और विनियमों के अनुसार यह सुनिश्चित किया है कि नए पुलिस स्टेशन का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। सरकार का यह कदम अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

5 जिलों में बनेंगे नए फास्टट्रैक कोर्ट
प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में महिलाओं के विरुद्ध अपराध जैसे बलात्कार, छेड़छाड़ तथा मानसिक उत्पीड़न संबंधित लंबित मामलों की सुनवाई के लिए 6 नए फास्टट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। प्रत्येक जिला जहां उपरोक्त वर्णित श्रेणियों के 50 से अधिक मामले कोर्ट में लंबित हैं, वहां पर फास्टट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।

DGP शत्रुजीत कपूर ने बताया कि महिलाओं के विरुद्ध आपराधिक घटनाओं को नियंत्रित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है, ताकि महिलाओं को जल्द न्याय मिल सके। फास्टट्रैक कोर्ट के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश के फरीदाबाद में दो तथा गुरुग्राम, पानीपत, सोनीपत तथा नूंह जिले में 1-1 फास्टट्रैक कोर्ट स्थापित की जाएगी।

महिला सुरक्षा के लिए कराए जा रहे रिफ्रेशर कोर्स
कपूर ने बताया कि महिलाओं के विरुद्ध आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस अकादमी में महिला जांच अधिकारियों के लिए नियमित तौर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा रिफ्रेशर कोर्सेज कराए जा रहे हैं, ताकि वे न केवल कानूनी प्रावधानों में हुए नए संशोधनों के बारे में अपडेटेड रहें, बल्कि मामले की प्रभावी तथा समयबद्ध तरीके से जांच कर सकें।

जांच अधिकारियों उपलब्ध कराईं इन्वेस्टिगेशन किट
इतना ही नहीं, सीन ऑफ क्राइम टीम द्वारा घटनास्थल से वैज्ञानिक तरीके से आवश्यक साक्ष्य जुटाने के लिए सभी जिलों में जांच अधिकारियों को इन्वेस्टिगेशन किट उपलब्ध करवाई गई हैं। यह इन्वेस्टिगेशन किट वैज्ञानिक तरीके से काफी उच्चतर हैं, जिससे जांच प्रक्रिया को और अधिक निष्पक्ष बनाया जा सकता है।

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