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IISF 2025: पंचकूला में कल से इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल, इसरो–डीआरडीओ के वैज्ञानिक और हजारों छात्र होंगे शामिल

पंचकूला: पंचकूला सेक्टर-5 के दशहरा ग्राउंड में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा आयोजित इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (आईआईएसएफ) वर्ष 2025 होने जा रहा है. ये आयोजन 6 से 9 दिसंबर तक चलेगा. यह पहली बार है जब यह प्रतिष्ठित आयोजन उत्तर भारत में किया जा रहा है.

इसरो-डीआरडीओ के वैज्ञानिक होंगे शामिल: इस कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों से हजारों छात्र, युवा शोधकर्ता और विज्ञान प्रेमी भाग लेंगे. साथ ही इसरो, डीआरडीओ एवं अन्य अग्रणी वैज्ञानिक संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक और शोधकर्ता भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे, जो विभिन्न सत्रों एवं संवाद कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे.

मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण:हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आयोजन स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि, “यह आयोजन हरियाणा और विशेषकर पंचकूला के लिए गौरव का विषय है, इससे वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा. इस मौके पर उपायुक्त सतपाल शर्मा, पुलिस उपायुक्त सृष्टि गुप्ता, नगराधीश जागृति सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी और भारत सरकार के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे.

विज्ञान से समृद्धि थीम: ईआईएसएफ 2025 का 11वां संस्करण “विज्ञान से समृद्धि आत्मनिर्भर भारत के लिए” थीम पर आयोजित किया जा रहा है. इस फेस्टिवल का उद्देश्य भारत को विज्ञान और नवाचार आधारित राष्ट्र के रूप में विकसित करने की दिशा में हो रहे प्रयासों को प्रदर्शित करना है. कार्यक्रम में भव्य एग्जीबिशन, थीमैटिक कॉनक्लेव, स्टार्टअप शोकेस, छात्रों और वैज्ञानिकों के बीच संवाद सत्र और राष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न पब्लिक आउटरीच गतिविधियां शामिल होंगी.

विज्ञान में रूचि और नवाचार प्रोत्साहन उद्देश्य: डिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल का उद्देश्य आम जनता में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना, नवाचार को प्रोत्साहित करना और युवाओं को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है.