बैठक में दवा विक्रेताओं ने लिया नशा और एमटीपी किट न बेचने का निर्णय

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भिवानी। कृष्णा कॉलोनी स्थित आर्य सदन में भिवानी दवा विक्रेता संघ की वार्षिक बैठक आयोजित हुई जिसमें उपस्थित दवा विक्रेताओं ने नशे की दवाएं और गर्भपात के लिए उपयोग होने वाली एमटीपी किट न बेचने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सर्वोदय अस्पताल हिसार की भूमिका अहम रही।

रेवाड़ी के जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी ने उपस्थित दवा विक्रेताओं को समय-समय पर एहतियात बरतने और नकली दवाओं की पहचान के बारे में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि नकली दवाओं का अंदाजा लेबल व रैपर देखकर लगाया जा सकता है लेकिन वास्तविकता केवल नमूने की जांच पर ही पता चलती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में औषधि नियंत्रण विभाग ने एमटीपी और नशीली दवाओं के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान शुरू किया है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाती है।
दवा विक्रेता संघ के महासचिव अशोक गोयल ने कहा कि भिवानी जिले में कोई भी दवा विक्रेता नशीली दवा या एमटीपी किट नहीं बेचता और सभी दुकानदार ईमानदारी से काम करते हैं तथा औषधि नियंत्रण विभाग को सहयोग देते हैं। संघ के अध्यक्ष संजय कनोड़िया ने कहा कि संगठन समय-समय पर गाइडलाइन से दवा विक्रेताओं को अवगत कराता है और वार्षिक बैठक में समस्याओं के समाधान पर मंथन कराता है। इस अवसर पर कोरोना काल में उत्कृष्ट उपलब्धि दिखाने वाले अनेक दवा विक्रेताओं को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।