बवानीखेड़ा।
इंदिरा गांधी ने भारत को विश्व पटल पर अलग पहचान दिलाई। देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी न केवल भारतीय राजनीति पर छाई रहीं बल्कि विश्व राजनीति के क्षितिज पर भी वह विलक्षण प्रभाव छोड़ गई। ये बात कांग्रेस नेता एवं समाजसेवी मास्टर सतबीर रतेरा ने आज देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री एवं प्रियदर्शनी के नाम से विख्यात इंदिरा गांधी जी को उनकी जयंती अवसर पर गांव बलियाली में आयोजित संगोष्ठी के अवसर पर पुष्पांजली अर्पित करते हुए कही। ज्ञात रहें कि हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष चौ. उदयभान के दिशा-निर्देश के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री चौ. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा व राज्यसभा सांसद चौ. दीपेन्द्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी को जयंती पर पुष्पांजली देने के लिए मास्टर सतबीर रतेरा द्वारा इस संगोष्ठी का आयोजन किया किया था। यहां संगोष्ठी में पहुंचने पर मास्टर सतबीर रतेरा का बलियाली ग्रामवासियांे व कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार स्वागत किया गया।
इस मौके पर इंदिरा गांधी जी को श्रद्धांजली अर्पित करते हुए मास्टर सतबीर रतेरा ने कहा कि इंदिरा गाँधी में अपार साहस, निर्णय शक्ति और धैर्य था। उन्होंने कहा कि इंदिरा गाँधी के रूप में जो प्रधानमंत्री भारत भूमि को प्राप्त हुआ, वैसा प्रधानमंत्री अभी तक दूसरा नहीं हुआ है क्योंकि एक महिला प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने विभिन्न चुनौतियों का मुकाबला करने में सफलता प्राप्त की। युद्ध हो, विपक्ष की गलतियाँ हों, कूटनीति का अंतर्राष्ट्रीय मैदान हो अथवा देश की कोई समस्या हो इंदिरा गाँधी ने अक्सर स्वयं को सफल साबित किया।
गांधी ने ऐसे उद्योगों को रेखांकित किया जिनका कुशल उपयोग नहीं हो रहा था। बीमा कंपनियों के नियमों में पारदर्शिता का अभाव होने के कारण जनता को वैसे लाभ नहीं प्राप्त हो रहे थे, जैसे होने चाहिए थे। जिसे देखते हुए उन्होंने बीमा कारोबार का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया। इंदिरा गाँधी अपनी प्रतिभा और राजनीतिक दृढ़ता के लिए न सिर्फ भारत में बल्कि विश्व राजनीति के इतिहास में जानी जाती हैं और इसी कारण उन्हें देश की लौह-महिला के नाम से संबोधित किया जाता है। इंदिरा गांधी के देशहित में लिए गए ऐतिहासिक फैसलों को याद करते हुए मास्टर सतबीर रतेरा ने कहा कि देश के बैंकिंग इतिहास में 19 जुलाई 1669 को महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसी दिन पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर आम जनता का भरोसा सरकार के प्रति कायम किया था। बैंकों का राष्ट्रीयकरण मजबूत अर्थव्यवस्था की निशानी थी ताकि आमलोगों की गाढ़ी कमाई सुरक्षित रखी जा सकें। लेकिन ये दुर्भाग्य की बात है कि केन्द्र शासित नरेन्द्र मोदी सरकार आज अपने पुंजीपति मित्रों को खुश रखने के लिए बैंक कर्मचारी और आम लोगों के हितों को दरकिनार कर बैंकों का नीजिकरण कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि मुनाफा कमा रहे राष्ट्रीय उपक्रमों को निजी हाथों में बेचने की नीति का बेरोजगारी और महँगाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। मास्टर सतबीर रतेरा ने कहा कि मुनाफा कमा रहे बैंकों को निजी हाथों में बेचना देशहित में नहीं हैं। क्योंकि सरकारी बैंकों का एकमात्र मक़सद फायदा कमाना नहीं होता बल्कि जनता की सेवा, गरीबों को आर्थिक सुरक्षा और जनकल्याण कार्यों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना होता है और इंदिरा गांधी जी से इसे अच्छे से जानती थी इसलिए वर्षों पूर्व अपनी दुरदर्शी नीतियों के चलते ही उन्होंने बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर देशहित में आम जनता का भरोसा जीता था। इस मौके पर मास्टर सतबीर रतेरा के नेतृत्व में उपस्थित अनेक गणमान्य लोगों व कार्यकर्ताओं ने इंदिरा गांधी जी को अपनी पुष्पांजली अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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