भिवानी :
पंजाब के मुक्तसर साहिब में पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों पर एक अधिवक्ता से अमानवीय व्यवहार व यौन अत्याचार का आरोप लगाकर पिछले दो दिनों से हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ यूटी के करीबन एक लाख 47 हजार अधिवक्ता बार काऊंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के आह्वान पर हड़ताल पर थे। इसी कड़ी में स्थानीय न्यायिक परिसर में जिला बार एसोसिएशन के प्रधान सत्यजीत पिलानिया के नेतृत्व में अधिवक्ता हड़ताल पर थे तथा आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। अधिवक्ताओं के रोष को देखते हुए सरकार ने कार्रवाई करते हुए एसपी, थानेदार व सीआईए इंचार्ज व सीनियर कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने डीआईजी फरीदकोट रेंज व एसएसपी को ट्रांसफर करने के आदेश भी दिए है। पंजाब सरकार की इस कार्रवाई संतुष्ट होकर अधिवक्ताओं ने अपनी हड़ताल समाप्त कर ली।
इस मामले की जानकारी देने के लिए वीरवार को जिला बार एसोसिएशन के मीटिंग हॉल में एक मीटिंग का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता जिला बार एसोसिशन भिवानी के प्रधान सत्यजीत पिलानिया ने की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की कार्रवाई से फिलहाल वे संतुष्ट है तथा अपनी हड़ताल वापिस ले रहे है। उन्होंने कहा कि वीरवार शाम को उनकी यह हड़ताल खत्म कर दी गई। उन्होंने कहा कि पुलिस का कार्य आमजन को न्याय मुहैया करवाने में मदद करना है, ना कि न्याय के सिपाहियों को प्रताडि़त करना। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रताडऩा की कोई जगह नहीं है। इसीलिए अधिवक्ता अपने हकों के लिए हड़ताल पर है, जिनकी जंग की जीत हुई है। इस दौरान जनरल हाऊस की मीटिंग का भी आयोजन किया गया। जिसकी जानकारी देते हुए पिलानिया ने बताया कि मीटिंग में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया है कि प्रत्येक शनिवार को अधिवक्ताओं का नो वर्र्क डे रहेगा तथा अदालती कार्रवाई ठप्प रहेगी। जिसका सभी अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से समर्थन किया तथा एसोसिएशन के फैसले पर मोहर लगाई।
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