हरियाणा के पानीपत में एक युवक को अनोखी सजा दी गई. युवक एक महीने तक स्ट्रीट डॉग को खाना खिलाएगा और पशुओं की सेवा करेगा. दरअसल, पानीपत के कप्तान नगर में खाटू श्याम मंदिर के पास शनिवार को एक थार चालक गुजर रहा था. तभी उसने कुत्ते के 5 पिल्लों पर गाड़ी चला दी. इससे पिल्लों की मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना की जानकारी जैसे ही वेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों को लगी. वह शिकायत लेकर किला थाने पहुंच गए.
इस घटना का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गया था. वेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों ने थार चालक के खिलाफ किला थाना में शिकायत दर्ज करा दी कि एक थार चालक ने कुत्ते के 5 बच्चों को कुचलकर मार दिया है. इसके बाद थार चालक को थाने बुलाया गया. फिर थार चालक मौके पर पहुंचा और उसने अपनी गलती स्वीकार कर ली. थार चालक ने अपनी गलती मानते हुए कहा कि मुझसे अनजाने में ये गलती हो गई है. मैंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया है.
थार चालक ने मानी अपनी गलती
थार चालक विनोद ने बताया कि वह सुबह के समय गली से अपनी गाड़ी से घर जा रहे थे. तभी एक कार को बचाने के लिए उसने कट लिया. उस गली में कुत्ते के बच्चे बैठे हुए थे. वह पिल्लों को देख नहीं पाया, जिस वजह से थार का पहिया कुत्ते के बच्चों के ऊपर चढ़ गया. विनोद ने अपनी गलती मानी और कहा कि मैं अपनी गलती मानता हूं और माफी चाहता हूं. आगे से कभी ऐसी गलती नहीं करूंगा. पिल्ले नजर न आने की वजह से ये हादसा हो गया.
विनोद जगन्नाथ विहार का रहने वाला है. उसने खुद अपने आप को अनोखी सजा दी और कहा कि मैं खुद पशुओं की सेवा करूंगा और साथ ही 1 महीने तक गली के कुत्तों को खाना खिलाऊंगा. वेलफेयर सोसाइटी के सदस्य भी इस सजा पर राजी हो गए. अब विनोद पर नजर रखी जाएगी कि स्ट्रीट डॉग को खाना खिला रहे हैं या नहीं. इस तरह विनोद को पिल्लों को मारने की ये सजा मिली.
जानबूझकर नुकसान पहुंचाने पर क्या है सजा?
वहीं अगर कोई शख्स जानबूझकर किसी जानवर को मारने, जहर देने या किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाता है तो उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325 के तहत एक्शन लिया जाएगा. अपराधी को 5 साल की जेल की सजा होगी और साथ ही जुर्माना भी लगाए जाने का प्रावधान है. इसके साथ ही दोनों सजा भी हो सकती है.

















