दक्षिण हरियाणा के दो दिग्गज भाजपा नेताओं के बीच चल रही राजनीतिक रार साल के अंत में फिर से तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और गुड़गांव से सांसद राव इंद्रजीत सिंह को लेकर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री तथा बादशाहपुर से भाजपा विधायक राव नरबीर सिंह ने बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि इंद्रजीत उनकी मदद से इस बार गुड़गांव से सांसद बने हैं। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र से राव को मिले मत और उनकी जीत के मतों का हवाला भी दिया। दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री से जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह समय आने पर उपयुक्त जवाब देंगे। दोनों के बीच हुई जुबानी जंग से हरियाणा की राजनीति में चर्चाओं का दौर फिर तेज हो गया है।
छह बार के सांसद राव इंद्रजीत सिंह तथा कई बार हरियाणा के कैबिनेट मंत्री रहे राव नरबीर सिंह के बीच राजनीतिक लड़ाई कोई नई नहीं है। राव जब कांग्रेस में थे तो उनको जाटूसाना विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 1987 में हुए विधानसभा चुनाव में राव नरबीर सिंह ने हराकर सियासी पारी शुरू की थी।
लंबे वक्त तक इंद्रजीत कांग्रेस में रहे और नरबीर सिंह दूसरी पार्टी में लेकिन दोनों के बीच राजनीतिक लड़ाई जारी रही। वर्ष 2014 में दोनों भाजपा में शामिल हुए। इंद्रजीत सिंह ने भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा और संसद पहुंचे जबकि राव नरबीर सिंह भी कमल के निशान पर चुनाव लड़ हरियाणा के कैबिनेट मंत्री बने थे।
वर्ष 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में राव नरबीर सिंह का टिकट काट मनीष यादव को टिकट दिया गया तो राव नरबीर सिंह के खेमे की ओर से यही कहा गया कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने उनका टिकट कटवा दिया था।
एक कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के कैबिनेट मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने उनके राजनीतिक जीवन में कभी कोई सहयोग नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह अपने दम पर और जनता के भरोसे चुनाव जीतते हैं। उन्हें किसी की मदद की आवश्यकता नहीं है।
कैबिनेट मंत्री ने यह भी कहा कि सांसद इंद्रजीत को उनकी जरूरत है, लेकिन उन्हें राव इंद्रजीत की नहीं। बादशाहपुर क्षेत्र से मिले मतों से उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार राजबब्बर को मात देने में सफलता पाई।
राव इंद्रजीत ने फिलहाल मामले पर ज्यादा कुछ कहने से इनकार कर दिया, लेकिन उनके इस बयान से संकेत मिलते हैं कि आने वाले समय में इस राजनीतिक विवाद को लेकर और आरोप प्रत्यारोप बढ़ सकते हैं। फिलहाल दक्षिण हरियाणा की राजनीति में यह जुबानी जंग भाजपा के भीतर अंदरूनी मतभेदों को उजागर करती नजर आ रही है।

















