चंडीगढ़।
हरियाणा सरकार 3.3 लाख कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरी करने जा रही है। सरकार कर्मचारियों के लिए नई प्रमोशन पॉलिसी लाने की तैयारी कर रही है। नई पॉलिसी में सिनियोरिटी कम मेरिट की मौजूदा प्रणाली को नई पारदर्शी योग्यता-सह-वरिष्ठता प्रणाली से बदलने की तैयारी है। इसके तहत योग्य उम्मीदवारों को पदोन्नति के लिए रिटेन एग्जाम या इंटरव्यू से रू-ब-रू होना पड़ सकता है। साथ ही कर्मचारियों के कुछ स्किल्स सेट को भी चयन प्रक्रिया में महत्व दिया जा सकता है।
सबसे अहम बात यह है कि विभिन्न विभागों के प्रमुखों और प्रशासनिक सचिवों के साथ व्यापक चर्चा के बाद इस नई पॉलिसी को अंतिम रूप दिया गया है। हरियाणा CMO के एक सीनियर ऑफिसर ने बताया कि पॉलिसी को कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए राज्य के महाधिवक्ता और कानूनी विशेषज्ञों की भी राय पहले ही ले ली गई है। पॉलिसी को अंतिम मंजूरी के लिए सीएम को सौंप दिया गया है।
अभी हरियाणा में वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) सहित सिनियोरिटी और सर्विस रिकॉर्ड ने सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका है। मौजूदा पदोन्नति नीति के तहत भाई-भतीजावाद के कई आरोप लगे हैं, जिससे पीड़ित कर्मचारी पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट सहित अन्य कोर्ट जा रहे हैं। इन सब पचड़ों से बचने के लिए सरकार नई पॉलिसी लाने जा रही है।
नई पदोन्नति नीति में मौजूदा नीति की खामियों को दूर किया गया है। हालांकि सिनियोरिटी और ACR अभी भी प्रमोशन में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।
- सिनियोरिटी कम मेरिट को मेरिट कम सिनियोरिटी से बदलने की तैयारी
- योग्यता संकेतकों में परीक्षण, साक्षात्कार और कुछ कौशल शामिल होंगे
- कर्मचारियों के प्रमोशन में सिनियोरिटी और ACR भी प्रासंगिक रहेंगे
- चयन प्रक्रिया में कर्मचारियों के कुछ स्किल्स को भी महत्व दिया जा सकता है
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