Advertisement

हरियाणा में सो रहे परिवार पर छत गिरी

पानीपत।

हरियाणा के पानीपत में एक घर में सो रहे परिवार पर छत गिर गई। इसके नीचे 5 लोग दब गए। छत गिरने की आवाज सुनकर स्थानीय लोग भी जाग गए। छत के मलबे के नीचे दबे सदस्यों ने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया।

लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया और समय रहते सभी को मलबे के नीचे से बाहर निकाला। घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। एक महीने पहले मेरी बेटी की शादी हुई थी। जिसके लिए घर की मरम्मत करवाई गई थी। घायलों की पहचान सुषमा (45), सुमन (38), नीरज (19), स्वाति (21) के रूप में हुई है और हादसे में मौसेरी बहन की बेटी माफी (13) भी घायल हो गई। जो अपने रिश्तेदारों से मिलने आई थी।

हादसे में दौरान सुषमा के सिर में चोट आई। उसे चार टांके लगे। नीरज के सिर में चोट आई। उसे भी चार टांके लगे। सुमन के सिर में अंदरूनी चोट आई। माफ़ी के पैर में चोट आई। स्वाति भी घायल हो गई।

परिवार के सदस्य सुरजीत ने बताया कि यह मकान करीब 40 साल पुराना है। मकान मालिक संजय पेशे से किसान है। बीती रात हुए हादसे की वजह छत पर लगा लोहे का गाटर दीवार में अपनी जगह से बाहर निकल आना था। संजय की साली की बेटी माफ़ी (13) सर्दियों की छुट्टियों में कैथल से घर आई हुई है। वह 10वीं की छात्रा है।

घर के बुजुर्ग महाबीर ने बताया कि बेटा नीरज, उसकी मां और उसकी तीन बहनें कमरे में सो रही थीं। अचानक छत गिर गई। पड़ोसियों ने आकर परिवार के सदस्यों को बाहर निकालने में मदद की। जैसे ही सभी को बाहर निकाला गया, तुरंत सभी को सिविल अस्पताल ले जाया गया।

महाबीर ने बताया कि एक महीने पहले घर में उनकी बेटी की शादी थी। उस दौरान इस छत समेत घर के कई हिस्सों की मरम्मत करवाई गई थी। शादी के दौरान छत या घर का कोई हिस्सा गिरने की आशंका के चलते मरम्मत करवाई गई थी। लेकिन इस बात का अहसास नहीं हुआ कि छत की पूरी तरह से मरम्मत नहीं हुई थी।

मकान मालिक संजय ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। घर में 6 सदस्य हैं। वह अपनी खेतीबाड़ी से उनका भरण-पोषण कर रहा है। अब भले ही घर की छत गिर गई हो, लेकिन हालत ऐसी है कि वह फिर से उसी घर में सोने को मजबूर है। क्योंकि उसने हाल ही में अपनी बेटी की शादी की है, इसलिए हालत ऐसी नहीं है कि वह अपना घर दोबारा बना सके। संजय ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उसकी और उसके परिवार की मदद की जाए।