ग्रामीण और कृषि फीडर अलग, 11 नए सबस्टेशन से 150 गांवों की बिजली आपूर्ति सुधरेगी

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भिवानी। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम भिवानी और चरखी दादरी सर्कल में कृषि और ग्रामीण फीडरों को अलग-अलग करने के साथ बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने जा रहा है। इसके तहत 33 केवी क्षमता के 11 नए पावर सब स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा,जिनसे सर्कल के करीब 150 गांवों की बिजली आपूर्ति बेहतर होगी। इनमें से पांच पावर सब स्टेशनों के निर्माण के वर्क ऑर्डर अलॉट किए जा चुके हैं। नए साल में भिवानी और चरखी दादरी शहरों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में ढांचागत सुविधाओं का विस्तार कर बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा।

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के तहत भिवानी और चरखी दादरी जिलों के करीब 450 से अधिक गांव आते हैं। भिवानी सर्कल के अंतर्गत चरखी दादरी क्षेत्र में 33 केवी क्षमता के चार और भिवानी जिले में सात नए पावर सब स्टेशन बनाए जाएंगे। ये सभी पावर सब स्टेशन पहले से बने पावर सब स्टेशनों के परिसर के भीतर ही स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए प्रत्येक स्थान पर 10 एमवीए क्षमता के अलग ट्रांसफार्मर और नई लाइनें भी लगाई जाएंगी।

नए पावर सब स्टेशनों के निर्माण के बाद ग्रामीण फीडरों पर बिजली आपूर्ति पहले से बेहतर होगी और कृषि व ग्रामीण फीडरों का लोड अलग-अलग किया जाएगा। इसके साथ ही पहले से ओवरलोड चल रहे ग्रामीण फीडरों का लोड भी इन नए फीडरों के जरिए अलग कर दिया जाएगा। भिवानी सर्कल में निगम की कंस्ट्रक्शन विंग द्वारा चरखी दादरी के पुराने शहर दादरी, गांव झोझूकलां, गांव मानकावास, गांव रानीला तथा भिवानी जिले के गांव गोठड़ा, गांव बिडौला, गांव धनाना, गांव कैरू, लोहारू पुराने शहर, गांव ईश्वरवाल द्वितीय और गांव भांखड़ा में 33 केवी के नए पावर सब स्टेशन बनाए जाएंगे। प्रत्येक पावर सब स्टेशन पर निगम की ओर से करीब चार करोड़ रुपये का अनुमानित बजट खर्च किया जाएगा।

फरवरी से अब तक 2100 लोगों ने निगम से लिए सोलर घरेलू कनेक्शन

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम से भिवानी सर्कल के अंतर्गत चरखी दादरी और भिवानी जिलों में फरवरी से अब तक करीब 2100 उपभोक्ताओं ने सौर ऊर्जा के घरेलू कनेक्शन लिए हैं। इनमें दो से तीन किलोवाट तक के घरेलू सोलर कनेक्शन शामिल हैं। ये सभी कनेक्शन सरकार की सब्सिडी आधारित योजना के तहत दिए गए हैं। दो किलोवाट सौर ऊर्जा कनेक्शन की श्रेणी में एक लाख 80 हजार रुपये तक की सालाना आय वाले उपभोक्ताओं को सरकार की ओर से एक लाख 10 हजार रुपये की सब्सिडी दी गई है। वहीं एक लाख 80 हजार से तीन लाख रुपये तक की सालाना आय वाले परिवारों को 80 हजार रुपये की सब्सिडी मिली है। इसी तरह तीन लाख रुपये से अधिक सालाना आय वाले परिवारों को दो किलोवाट सौर ऊर्जा कनेक्शन पर 60 हजार रुपये की सब्सिडी दी गई है। सामान्य श्रेणी में तीन किलोवाट सौर ऊर्जा कनेक्शन पर 78 हजार रुपये की सब्सिडी का प्रावधान है। ये सभी ऑन-ग्रिड सोलर कनेक्शन हैं, जिनमें उपभोक्ता कम बिजली खर्च करने पर अतिरिक्त बिजली मीटर के माध्यम से ग्रिड में वापस जाती है। इससे उपभोक्ताओं को भारी भरकम बिजली बिल से भी राहत मिलती है।

भिवानी सर्कल में भिवानी शहर और चरखी दादरी शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में 11 नए 33 केवी क्षमता के पावर सब स्टेशन का निर्माण इसी वर्ष में पूरा किया जाना है। पांच पावर सब स्टेशनों के निर्माण का काम कंस्ट्रक्शन एजेंसी को अलॉट किया जा चुका है, जबकि करीब आठ पावर सब स्टेशनों के वर्क ऑर्डर अलॉट किए जाने की प्रक्रिया भी अब अंतिम चरण में है। ग्रामीण क्षेत्र में कृषि और ग्रामीण फीडरों का लोड भी अब अलग-अलग किया जा रहा है। नए सब स्टेशनों के निर्माण के बाद पहले से ओवरलोड चल रहे ग्रामीण फीडरों को भी निजात मिलेगी और बिजली सुविधा भी पहले से बेहतर होगी।

भारत सरकार का लक्ष्य एक करोड़ घरों में रूफ टॉप सोलर प्लांट लगाना है जिसके लिए कुल 75,021 करोड़ रुपये का वित्तीय व्यय किया जाएगा। अकेले भिवानी सर्कल में फरवरी से लेकर अब तक 2100 से अधिक उपभोक्ताओं ने सौर ऊर्जा के कनेक्शन लिए हैं जिससे उन्हें भारी भरकम बिजली बिलों से भी छुटकारा मिला है। सौर ऊर्जा के लिए निगम में ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं और किलोवाट क्षमता व निर्धारित मानकों के अनुसार उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है।