भिवानी। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम भिवानी और चरखी दादरी सर्कल में कृषि और ग्रामीण फीडरों को अलग-अलग करने के साथ बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने जा रहा है। इसके तहत 33 केवी क्षमता के 11 नए पावर सब स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा,जिनसे सर्कल के करीब 150 गांवों की बिजली आपूर्ति बेहतर होगी। इनमें से पांच पावर सब स्टेशनों के निर्माण के वर्क ऑर्डर अलॉट किए जा चुके हैं। नए साल में भिवानी और चरखी दादरी शहरों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में ढांचागत सुविधाओं का विस्तार कर बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा।
नए पावर सब स्टेशनों के निर्माण के बाद ग्रामीण फीडरों पर बिजली आपूर्ति पहले से बेहतर होगी और कृषि व ग्रामीण फीडरों का लोड अलग-अलग किया जाएगा। इसके साथ ही पहले से ओवरलोड चल रहे ग्रामीण फीडरों का लोड भी इन नए फीडरों के जरिए अलग कर दिया जाएगा। भिवानी सर्कल में निगम की कंस्ट्रक्शन विंग द्वारा चरखी दादरी के पुराने शहर दादरी, गांव झोझूकलां, गांव मानकावास, गांव रानीला तथा भिवानी जिले के गांव गोठड़ा, गांव बिडौला, गांव धनाना, गांव कैरू, लोहारू पुराने शहर, गांव ईश्वरवाल द्वितीय और गांव भांखड़ा में 33 केवी के नए पावर सब स्टेशन बनाए जाएंगे। प्रत्येक पावर सब स्टेशन पर निगम की ओर से करीब चार करोड़ रुपये का अनुमानित बजट खर्च किया जाएगा।
फरवरी से अब तक 2100 लोगों ने निगम से लिए सोलर घरेलू कनेक्शन
भिवानी सर्कल में भिवानी शहर और चरखी दादरी शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में 11 नए 33 केवी क्षमता के पावर सब स्टेशन का निर्माण इसी वर्ष में पूरा किया जाना है। पांच पावर सब स्टेशनों के निर्माण का काम कंस्ट्रक्शन एजेंसी को अलॉट किया जा चुका है, जबकि करीब आठ पावर सब स्टेशनों के वर्क ऑर्डर अलॉट किए जाने की प्रक्रिया भी अब अंतिम चरण में है। ग्रामीण क्षेत्र में कृषि और ग्रामीण फीडरों का लोड भी अब अलग-अलग किया जा रहा है। नए सब स्टेशनों के निर्माण के बाद पहले से ओवरलोड चल रहे ग्रामीण फीडरों को भी निजात मिलेगी और बिजली सुविधा भी पहले से बेहतर होगी।
भारत सरकार का लक्ष्य एक करोड़ घरों में रूफ टॉप सोलर प्लांट लगाना है जिसके लिए कुल 75,021 करोड़ रुपये का वित्तीय व्यय किया जाएगा। अकेले भिवानी सर्कल में फरवरी से लेकर अब तक 2100 से अधिक उपभोक्ताओं ने सौर ऊर्जा के कनेक्शन लिए हैं जिससे उन्हें भारी भरकम बिजली बिलों से भी छुटकारा मिला है। सौर ऊर्जा के लिए निगम में ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं और किलोवाट क्षमता व निर्धारित मानकों के अनुसार उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है।

















